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बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 29 और कैंप स्थापित, 196 राहत कैंपों में 6755 व्यक्तियों को मिली शरण: हरदीप सिंह मुँडियां

चंडीगढ़ : पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री  हरदीप सिंह मुँडियां ने आज बताया कि राज्य में आई भीषण बाढ़ के कारण 22 ज़िलों के 1902 गाँव प्रभावित हुए हैं, जबकि 15 ज़िलों की 3.84 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित आबादी को ठहराने के लिए राज्य में 29 और कैंप स्थापित किए गए हैं और इस समय 196 राहत कैंप प्रभावित लोगों के लिये विभिन्न स्थानों पर जारी हैं। उन्होंने बताया कि 1.71 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है और सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों में गुरदासपुर, अमृतसर, फाज़िल्का, फिरोज़पुर, कपूरथला और मानसा शामिल हैं।

अन्य विवरण साझा करते हुए राजस्व मंत्री ने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से 20,972 व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है, जिनमें गुरदासपुर (5581), फिरोज़पुर (3804), फाज़िल्का (3032), अमृतसर (2734), पठानकोट (1139), होशियारपुर (1615), कपूरथला (1428), जालंधर (511), बरनाला (539), मानसा (178), मोगा (145), रूपनगर (245) और ज़िला तरनतारन के 21 व्यक्ति शामिल हैं।श्री हरदीप सिंह मुँडियां ने बताया कि प्रभावित लोगों को ठहराने के लिए राज्यभर में 196 राहत कैंप इस समय चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते कल की तुलना में 29 और कैंप जोड़े गए हैं।

इनमें फाज़िल्का में 23, बरनाला में 36, पटियाला में 27, जालंधर में 18, एस.बी.एस. नगर में 23, अमृतसर में 16, पठानकोट में 14, गुरदासपुर में 13, फिरोज़पुर में 8, रूपनगर में 4, होशियारपुर में 5, कपूरथला में 4, मोगा और मानसा में 2-2 तथा संगरूर में 1 कैंप शामिल है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय इन कैंपों में 6755 लोग ठहरे हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक फाज़िल्का (2339), होशियारपुर (1041), फिरोज़पुर (749), पठानकोट (581), जालंधर (511), बरनाला (539), अमृतसर (371), रूपनगर (245), मोगा (145), मानसा (89), संगरूर (75), कपूरथला (57) और गुरदासपुर (13) शामिल हैं।

मानव जानों के बारे में राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान 6 और मौतें दर्ज हुई हैं और 14 ज़िलों में अब तक कुल 43 मौतें हो चुकी हैं। सबसे अधिक होशियारपुर में (7) और पठानकोट में (6) मौतें हुई हैं, जबकि बरनाला और अमृतसर में 5-5, लुधियाना और बठिंडा में 4-4, मानसा (3), गुरदासपुर और एस.ए.एस. नगर में 2-2, तथा पटियाला, रूपनगर, संगरूर, फाज़िल्का और फिरोज़पुर में 1-1 व्यक्ति की मौत दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि पठानकोट के तीन व्यक्ति अभी भी लापता हैं।

फसलों के नुकसान की जानकारी देते हुए  हरदीप सिंह मुँडियां ने कहा कि राज्य के 18 ज़िलों में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि अकेले गुरदासपुर में 40,169 हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है, इसके बाद अमृतसर में (26,701)हेक्टेयर, फाज़िल्का (17,786), फिरोज़पुर (17,221), कपूरथला (17,807), तरनतारन (12,828), मानसा (11,042), संगरूर (6560), होशियारपुर (8322), जालंधर (4800), एस.ए.एस. नगर (2000), पठानकोट (2442), मोगा (2240), पटियाला (600), बठिंडा (587), एस.बी.एस. नगर (362), रूपनगर (300) और लुधियाना (32) हेक्टेयर फसलें बर्बाद हुई हैं।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से 22 ज़िलों के 1902 गाँव प्रभावित हुए हैं, जिससे 3,84,205 आबादी प्रभावित हुई है। सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में गुरदासपुर (329 गाँव), अमृतसर (190), कपूरथला (144), होशियारपुर (168), मानसा (95), फिरोज़पुर (102), पठानकोट (88), फाज़िल्का (77), संगरूर (107), तरनतारन (70), जालंधर (64), पटियाला (85), एस.बी.एस. नगर (28), बठिंडा (21), फरीदकोट (15), रूपनगर (44), लुधियाना (52), बरनाला (121), श्री मुक्तसर साहिब (23), मलेरकोटला (12), एस.ए.एस. नगर (15) और मोगा (52) गाँव शामिल हैं।

राजस्व मंत्री ने बताया कि कुल 3,84,205 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक अमृतसर (1,35,880), गुरदासपुर (1,45,000), फिरोज़पुर (38,594) और फाज़िल्का (24,212) शामिल हैं। इसी तरह पठानकोट (15,503), कपूरथला (5728), एस.ए.एस. नगर (13,000), होशियारपुर (2465), बरनाला (1252), जालंधर (1090), मोगा (800), रूपनगर (368), मानसा (178), संगरूर (75) और तरनतारन (60) शामिल हैं। मुँडियां ने कहा कि 9 और टीमों को राहत कार्यों में लगाने से अब 31 एन.डी.आर.एफ. टीमें राज्यभर में तैनात हैं। इनमें अमृतसर और पठानकोट में 6-6, गुरदासपुर और फाज़िल्का में 4-4, पटियाला और फिरोज़पुर में 3-3, जालंधर और रूपनगर में 2-2 तथा कपूरथला में 1 टीम तैनात है। इसी तरह एस.डी.आर.एफ. की भी 2 टीमें कपूरथला ज़िले में तैनात की गई हैं।

इसके अतिरिक्त सेना, नौसेना और वायु सेना की 28 टुकड़ियाँ भी राज्य में तैनात हैं, जिनमें गुरदासपुर (4), अमृतसर (2), फिरोज़पुर (5), पठानकोट (3), जालंधर, रूपनगर और तरनतारन (2-2), एस.बी.एस. नगर (4), फाज़िल्का (2), पटियाला और कपूरथला (1-1) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगभग 35 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। बी.एस.एफ. द्वारा सरहदी ज़िला फिरोज़पुर में राहत और बचाव कार्य सक्रिय रूप से जारी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने राहत कार्यों को तेज़ करने के लिए 134 नावें और एक सरकारी हेलीकॉप्टर भी काम में लगाया हुआ है।

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