शिमला । भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश को अब तक रिकॉर्ड स्तर की आर्थिक सहायता और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं दी हैं, जबकि राज्य की कांग्रेस सरकार जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद से राज्य के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं।सांसद ठाकुर के अनुसार, केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को अब तक 76,799 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता और विभिन्न विकास परियोजनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल से विशेष राज्य का दर्जा छीन लिया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्ज को दुबारा दिलाया। विशेष राज्य का दर्जा मिलने से हिमाचल को बड़ा लाभ हुआ है, क्योंकि अब किसी भी परियोजना में 90 प्रतिशत धन केंद्र सरकार देती है और केवल 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देना होता है।उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में हिमाचल में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक के रेलवे प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जो भविष्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले है। कोविड काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष सहायता दी, जबकि यूपीए सरकार ने अपने समय में ऐसा कुछ नहीं किया।
बीते 5-6 वर्षों में मोदी सरकार ने हिमाचल को 8,309 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद दी है।स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश पर सांसद ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों के लिए 720 करोड़ रुपये, ऊना में बल्क ड्रग पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये और राजगढ़ में मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ग्रांट केवल हिमाचल के लिए नहीं, बल्कि देश के 17 राज्यों के लिए बंद की गई है।हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधकर ठाकुर ने कहा कि हिमाचल भारी कर्ज में डूबता जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में अत्यधिक कर्ज लिया गया है, लेकिन आय बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए गए, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।



