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युवाओं को नशे से बचाना हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी – राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

फिरोज़पुर : पंजाब को नशा-मुक्त और पुनः रंगला पंजाब बनाने के उद्देश्य से  राज्यपाल पंजाब  गुलाब चंद कटारिया के नेतृत्व में फिरोज़पुर में नशों के विरुद्ध एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा सारागढ़ी गुरुद्वारा साहिब से स्कूल ऑफ़ एमिनेंस, फिरोज़पुर शहर तक आयोजित की गई। इस पदयात्रा में डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों सहित राज्य की कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, स्कूलों व कॉलेजों के प्रमुख, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, प्रदेश भर से हज़ारों विद्यार्थियों, एनजीओज़, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए नशा-मुक्त पंजाब बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने सर्वप्रथम सारागढ़ी गुरुद्वारा साहिब में माथा टेक कर नशों के विरुद्ध अभियान के यात्रा की शुरुआत की।

राज्यपाल पंजाब ने स्वयं पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए नशों के विरुद्ध राज्य स्तर पर समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशों के कारण केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे समाज को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं।पदयात्रा के उपरांत स्कूल ऑफ़ एमिनेंस में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सबसे पहले शिक्षा संस्थानों को नशा-मुक्त बनाना आवश्यक है, क्योंकि युवाओं के सही मार्ग पर अग्रसर होने से ही राज्य का भविष्य सुरक्षित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशों के विरुद्ध चरणबद्ध अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसे सफल बनाने के लिए शिक्षा संस्थानों, धार्मिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों, पंचायतों और आम जनता को एकजुट होकर यह लड़ाई लड़नी होगी।

माननीय राज्यपाल ने विशेष रूप से महिलाओं से आगे आकर नशों के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान का नेतृत्व करने की अपील करते हुए कहा कि माँ, बहन और बेटी के रूप में महिलाएँ समाज को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने गुरुओं के बलिदानों से प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारे बुज़ुर्गों ने हमारी संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान दिया, तो क्या हम नशे जैसी छोटी-सी बुराई को समाप्त नहीं कर सकते? यह हमारा धार्मिक और नैतिक कर्तव्य है कि हम इस बीमारी को जड़ से मिटाएँ।उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी दुश्मन देश ड्रोन के माध्यम से नशों की आपूर्ति कर हमारी युवा पीढ़ी को कमजोर करने की साज़िश कर रहा है, लेकिन सरकार द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि इस साज़िश को विफल किया जा सके।

अंत में माननीय राज्यपाल ने कहा कि नशों के विरुद्ध यह लड़ाई केवल सामूहिक प्रयासों से ही जीती जा सकती है और पूरे पंजाबवासियों के सहयोग से इस मिशन में शीघ्र सफलता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल जी द्वारा ज़रूरतमंदों को कंबलों का वितरण भी किया गया।इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव वी.पी. सिंह, डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा, डायरेक्टर जनगणना संचालन ललित जैन, रेड क्रॉस के सचिव शिव दुलार सिंह ढिल्लों, डीआईजी स्नेहदीप शर्मा, एस.एस.पी. भूपिंदर सिंह सिद्धू, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) डॉ. निधि कुमुद बंबाह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास)  अरविंद कुमार, एस.डी.एम. फिरोज़पुर मैडम लिंधिया (आईएएस, प्रशिक्षणाधीन), सहायक कमिश्नर श्री राजबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी/कर्मचारी, विभिन्न एनजीओज़, धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्कूलों व कॉलेजों के विद्यार्थी उपस्थित थे।

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