नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज सोमवार से ‘एआई इंपैक्ट समिट 2026’ का शुभारंभ हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट और इंडिया एआई एक्सपो का उद्घाटन किया तथा विभिन्न पवेलियनों का अवलोकन कर एआई आधारित नवाचारों की सराहना की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे।यह विकासशील देशों में आयोजित अपनी तरह का पहला एआई इंपैक्ट समिट बताया जा रहा है। समिट का मूल मंत्र ‘जन, ग्रह और प्रगति’ है, जिसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को समावेशी विकास, पर्यावरणीय संतुलन और सतत प्रगति से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
आयोजन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक एआई गवर्नेंस पर होने वाली चर्चाओं में ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रभावी स्थान मिले। सुबह से आयोजित विभिन्न सत्रों में हेल्थकेयर, एजुकेशन, चाइल्ड सेफ्टी, फार्मा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई की भूमिका पर विस्तृत पैनल चर्चाएं हुईं। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार एआई तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और दवा अनुसंधान को तेज करने में सहायक हो सकती है।
समिट के मुख्य फोकस में समावेशी विकास को गति देने के लिए एआई का उपयोग, सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देना और सतत नवाचार को प्रोत्साहित करना शामिल है। आयोजकों के अनुसार, यह मंच इस बात पर केंद्रित है कि एआई केवल कुछ लोगों के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम बने।
एआई इंपैक्ट समिट 2026 में 45 से अधिक देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं।



