चंडीगढ़ : पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों मोहिंदर भक्त, लालजीत सिंह भुल्लर, हरदीप सिंह मुंडियां, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डा.बलबीर सिंह की उपस्थिति में, मेजर (डा.) गुरचरन सिंह, सेवामुक्त ने आज पंजाब एक्स-सर्विसमैन निगम (पैसको) के चेयरमैन का पद संभाला। इस मौके कैबिनेट मंत्रियों ने मेजर (डा.) गुरचरन सिंह को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि उनके प्रशासकीय अनुभव, अनुशासित पृष्टभूमि और पूर्व सैनिकों की भलाई प्रति वचनबद्धता से निगम के कामकाज को ओर मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के राष्ट्र प्रति कीमती योगदान को सम्मान देते पंजाब सरकार सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई एंव पुर्नवास के लिए वचनबद्ध है।
मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविन्द केजरीवाल का उनपर विश्वास दिखाने के लिए धन्यवाद करते मेजर ( डा.) गुरचरन सिंह ने कहा कि वह अपनी ज़िम्मेदारी पूरे समर्पण और इमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने राज्य भर में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए भलाई उपायों, रोज़गार मौके और सहायता प्रणालियों को ओर मज़बूत करने के लिए अपनी वचनबद्धता की पुष्टि की।भारतीय सेना में 21 साल की सेवा निभाने वाले मेजर ( डा.) गुरचरन सिंह, सेवामुक्त, एक अनुभवी सैनिक है, जो आतंकवाद विरोधी कार्यवाहियों और जंगल युद्ध में माहिर है। उन्होंने कंपनी कमांडर और सैकिंड- इन-कमांड समेत मुख्य लीडरशिप भूमिकाएं निभाई है और उनको व्यापक प्रशासकीय और कामकाजी अनुभव हासिल है।
सेवामुक्ती के बाद, वह समाज भलाई और पूर्व सैनिकों की सहायता के उद्देश्य के साथ की गई पहलकदमियों में सक्रियता के साथ जुड़े रहे हैं।इस मौके मौजूद गणमान्यों में डेराबस्सी से विधायक कुलजीत सिंह रंधावा, मानसा से विधायक विजय एन.सिंगला, वाटर वर्कस के चेयरमैन और ‘ आप’ के सचिव एस.एस. आहलुवालिया, चेयरमैन ( पंजाब एग्रो) शविन्दर सिंह खिंडा, सनौर के हलका इंचार्ज रणजोध सिंह हडाणा, चेयरमैन( योजना बोर्ड) प्रभजोत कौर, चेयरमैन( मार्किट समिति) मोहाली, गुरिन्दर सिंह मित्तल, काऊंसलर( चंडीगढ़) दमनप्रीत सिंह बादल, काऊंसलर( चंडीगढ़) प्रेम लता, काऊंसलर, ( चंडीगढ़) अंजू कत्याल, काऊंसलर( चंडीगढ़) हरदीप सिंह, मैनेजिंग डायरैक्टर मेजर जनरल हरमनदीप सिंह ( सेवामुक्त) और अन्य सीनियर अधिकारी लैफ्टिनैंट जनरल सुरिन्दर सिंह, पूर्व आर्मी कमांडर, वेस्टर्न कमांड, लैफ्टिनैंट जनरल गुरप्रताप सिंह ( सेवामुक्त) और ट्राईसिटी के बड़ी संख्या में सेना अधिकारी भी मौजूद थे।



