मुंबई। बीते कई दिनों से महाराष्ट्र में लाड़की बहन योजना बंद किए जाने को लेकर कई तरह की अटकलें चल रहीं थी। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि ये योजना महाराष्ट्र में बंद नहीं होने वाली। अफवाहे कुछ भी हों लेकिन ये योजना लगातार जारी रहेगी। शिंदे की टिप्पणी उस दिन आई जब अदिति तटकरे ने 26 लाख अयोग्य लाभार्थियों की पहचान की बात कही। मातंग समुदाय के लहूजी सेना सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी। यह आपके भाई का वचन है।इससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य सरकार लाडकी बहिन योजना के तहत अवैध रूप से लाभ लेने वालों पर रोक लगाएगी।
जुलाई में शुरू हुई इस योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता दी जाती है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है।दरअसल, महाराष्ट्र सरकार की मंत्री अदिति तटकरे ने सोमवार को बताया कि राज्य सरकार ने लाडकी बहिन योजना के तहत प्रारंभिक रूप से 26 लाख अयोग्य लाभार्थियों की पहचान की है। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इन अयोग्य लाभार्थियों का डेटा सत्यापन के लिए जिला अधिकारियों को सौंप दिया गया है, और जांच पूरी होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहेगा। तटकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत लगभग 26 लाख लाभार्थियों की प्रारंभिक जानकारी दी है, जो योजना के मानदंडों के अनुसार पात्र नहीं प्रतीत होते। ये लाभार्थी राज्य के सभी जिलों से हैं।



