चण्डीगढ़ – हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र के अंतिम दिन हरियाणा विधान सभा (सदस्य-सुविधा) अधिनियम, 1979 को संशोधित करने के लिए हरियाणा विधान सभा (सदस्य-सुविधा) द्वितीय संशोधन विधेयक, 2025 पारित किया गया।
हरियाणा विधान सभा (सदस्य-सुविधा) द्वितीय संशोधन विधेयक, 2025 – हरियाणा विधान सभा (सदस्य-सुविधा) अधिनियम, 1979 की धारा 3 के अधीन, हरियाणा विधान सभा का प्रत्येक सदस्य, एक करोड़ रुपये से अधिक न होने वाले प्रतिदेय अग्रिम का हकदार है, जोकि गृह निर्माण अग्रिम के रूप में निर्मित गृह या फ्लैट खरीदने के लिए या गृह निर्माण के लिए या सहकारी ग्रुप आवासीय सोसाइटी, जिसका वह सदस्य है, द्वारा निर्मित किए जाने वाले फ्लैट के लिए गृह निर्माण अग्रिम, अथवा मोटर कार की खरीद के लिए, अथवा दोनों उद्देश्यों के लिए लिया जा सकता है। इस धारा में दूसरी बार अग्रिम लेने के लिए 60 वर्ष से कम आयु की शर्त तथा तीसरी बार गृह निर्माण अडिग लेने के लिए भी 60 वर्ष से कम आयु की शर्त का प्रावधान है।
दूसरी बार अग्रिम (अर्थात् गृह निर्माण अथवा मोटर कार के लिए) तथा तीसरी बार गृह निर्माण अग्रिम प्राप्त करने हेतु 60 वर्ष से कम आयु का वर्तमान प्रावधान सदस्यों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाता है; एक करोड़ रुपये के अतिरिक्त, सदस्यों के गृह की बड़ी मरम्मत, बदलाव करवाने के लिए, दस लाख रुपये की अतिरिक्त राशि का भी प्रावधान किया जाए; हरियाणा विधान सभा (सदस्य-सुविधाएं) अधिनियम, 1979 की वर्तमान व्यवस्थाओं के अंतर्गत – कोई सदस्य, उपर्लिखित उपधारा के अंतर्गत पहली बार अग्रिम प्राप्त करने के उपरांत, यदि उसकी आयु 60 वर्ष से कम है तो वह पिछली अग्रिम राशि के मूलधन तथा ब्याज की वसूली पूर्ण होने के तुरंत बाद, दूसरी बार अग्रिम राशि प्राप्त करने पर हकदार है।
यदि कोई सदस्य, अपने गृह निर्माण अग्रिम की बकाया मूलधन राशि में से दस लाख रुपये की राशि की अदायगी पहले ही कर चुका है तो यह अपने गृह की बड़ी मरम्मत, बदलाव करवाने के लिए अधिकतम दस रूपये आहरण करने का भी हकदार है। दूसरी अथवा तीसरी बार अग्रिम लेने हेतु 60 वर्ष की आयु से संबंधित प्रावधान को समाप्त किया जाए। एक करोड़ रुपये के अतिरिक्त, दस आख रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया जाप, जिससे सदस्य अपने घर की मरम्मत या बदलाव करवा सके।



