चमोली। इस साल बारिश के सीजन में उत्तराखंड से कई जगह बादल फटने की खबरें आई हैं। यहां बीते कई सालों का रिकॉर्ड देखें तो इस साल सबसे ज्यादा तबाही हुई है। बीती रात चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटना ने मोपाटा गांव में तबाही मचा दी। इस हादसे कुछ लोगों के लापता होने की खबर है। भारी बारिश के कारण आए मलबे ने बदरीनाथ हाईवे को चटवा पीपल के पास पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे आवागमन ठप हो गया है। भारी बारिश के कारण चमोली जिले में कई सड़कें बंद हो गई हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह ठप है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन बारिश का सिलसिला थमने तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कम है।
जानकारी के अनुसार, बादल फटने के बाद मोपाटा गांव में तबाही मचा दी। इस हादसे में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। स्थानीय गोशाला के मलबे में दबने से 15 से 20 पशुओं के मारे जाने की भी खबर है।
चमोली के जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि राहत टीमें तत्काल मौके पर पहुंच चुकी हैं और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस आपदा पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, चमोली के देवाल और रुद्रप्रयाग के बसुकेदार क्षेत्र में बादल फटने से मलबा आने की वजह से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुखद समाचार मिला है। मैं अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं और बचाव कार्यों के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सीएम ने बाबा केदार से सभी के सुरक्षित होने की प्रार्थना भी की।



