नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ईरान के एनएसए अली लारीजानी से बातचीत की। इन अधिकारियों के बीच भारत और ईरान के बीच व्यापार, रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। साथ ही चाबहार पोर्ट को लेकर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी बात हुई। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारी जल्द ही द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने को लेकर जल्द ही मिल सकते हैं।पश्चिम एशिया में तनाव के बीच, भारत लगातार यह कहता रहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। भारत का मानना है कि ईरान को परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का अधिकार है और साथ ही ईरान की कानूनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप एक विशेष रूप से शांतिपूर्ण ईरानी परमाणु कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की गहरी रुचि भी है।
चाबहार पोर्ट ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित है, जिसे भारत और ईरान मिलकर तैयार कर रहे हैं। खासकर अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ यह पोर्ट कनेक्टिविटी और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अहम है। हालांकि अमेरिकी पाबंदियों के कारण चाबहार प्रोजेक्ट पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बावजूद भारत ने इस स्ट्रैटजिक पोर्ट को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के लिए वैकल्पिक रूट के तौर पर मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह सहयोग भारत-ईरान संबंधों को गहरा करने और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में बेहद अहम है।



