नई दिल्ली: विश्व में भारत के बढ़ते कद का उल्लेख करते हुए, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि देश की विशाल जनसंख्या, मजबूत औद्योगिक आधार और नवाचार की क्षमता इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि इन विशेषताओं ने, यहाँ के लोगों की उद्यमशीलता की भावना के साथ मिलकर, भारत को अभूतपूर्व अवसर दिये हैं , जिससे यह विश्व मंच पर नेतृत्व और उत्साह प्रदर्शित करने का “भारत का क्षण” बन गया है। लोक सभा अध्यक्ष ने नई दिल्ली में एल्युमीनियम से निर्मित उत्पादों के वैश्विक सम्मेलन और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी-एल्युमेक्स इंडिया 2025 का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं।
भारत की विकास गाथा में एल्युमीनियम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, बिरला ने कहा कि इसकी बहुमुखी प्रतिभा और उद्योगों में व्यापक अनुप्रयोग इसे विकास को गति देने की अपार क्षमता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी पुनः प्रयोग में लाने की प्रकृति, इसे स्वच्छ ऊर्जा और हरित पहलों के लिए महत्वपूर्ण बना देती है, जो पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के साथ पूरी तरह से मेल खाती है। बिरला ने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र और इसे संचालित करने वाले लोग देश की सबसे बड़ी ताकत में से एक बन कर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त आत्मनिर्भर भारत के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण ने क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं और “मेक इन इंडिया” पहल के अब स्पष्ट परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय उत्पाद और नवीन तकनीक न केवल घरेलू ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि दुनिया भर में तेज़ी से निर्यात भी हो रहे हैं।
बिरला ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे वैश्विक सम्मेलन उद्योग जगत के शीर्ष व्यक्तियों, शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को सहयोग करने, ज्ञान साझा करने और नई तकनीकों की खोज के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तेज़ी से बदलते वैश्विक परिवेश में, नवाचार को प्रतिस्पर्धात्मकता की प्रेरक शक्ति बने रहना चाहिए। भारत के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए, उन्होंने आगे कहा कि स्टार्टअप, अत्याधुनिक अनुसंधान और डिजिटल समाधान एल्युमीनियम सहित अन्य उद्योगों को नया रूप दे रहे हैं जिसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम सामने आए हैं। बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि एल्युमेक्स इंडिया-2025 भारत के एल्युमीनियम क्षेत्र को मज़बूत बनाने, सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देने और 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर सम्मानित भारत के निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प को आगे बढ़ाने में सार्थक योगदान देगा।
बिरला ने अंत में कहा कि भारतीय एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न निर्माता संघ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अग्रणी कंपनियों, स्टार्टअप्स, व्यापारियों और उद्योग विशेषज्ञों को नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन करने, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने तथा एल्युमीनियम उद्योग में भविष्य के अवसरों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर साथ लाया है। उन्होंने आगे आशा व्यक्त की कि नवाचार और सस्टेनेबिलिटी पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए यह सम्मेलन एवं प्रदर्शनी इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की दिशा और दशा निर्धारित करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।



