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पंजाब सरकार के प्रयासों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जीवन पटरी पर लौटने लगा

चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा राज्य में बाढ़ के कारण गांवों में फैली गंदगी को साफ करने और प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए शुरू की गई सफाई, फॉगिंग और छिड़काव की कार्रवाई से प्रभावित क्षेत्रों में जीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। पंजाब कैबिनेट के विभिन्न मंत्रियों ने आज दौरा कर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा राज्य में शुरू किए गए राहत कार्यों का निरीक्षण किया।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने  ऑपरेशन राहत के तहत अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव तारापुर और कीरतपुर साहिब में चल रहे राहत कार्यों तथा शिवालिक की पहाड़ियों के साथ लगते नीम पहाड़ी क्षेत्र से खड्ड में आने वाले बरसाती पानी से इस इलाके के रिहायशी घरों की दीवारों को हुए नुकसान का जायज़ा लिया। श्री बैंस ने ऐतिहासिक गुरुद्वारा बाबा गुरदिता जी में डंगा/तटबंध लगाने की सेवा का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर श्री बैंस ने ऑपरेशन राहत के तहत स्थानीय सेवादारों द्वारा चलाई जा रही कार सेवा में शामिल ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के डीज़ल के लिए 50,000 रुपये का योगदान दिया।

कैबिनेट मंत्री, पंजाब, लाल चंद कटारूचक्क की निगरानी में बाढ़ प्रभावित 10 गांवों में महासफाई अभियान चलाया गया। इन गांवों में स्कोल, ढिंडा/भुपालपुर, कोटली जवाहर, पलाह, घोला, कोट भटियां, बलोतर, सरोता, दनवाल और खोजकी चक्क शामिल थे। इस सफाई अभियान के अंतर्गत गलियों की सफाई, खड़े पानी पर स्प्रे, फॉगिंग मशीनों द्वारा फॉगिंग आदि करवा कर लोगों को सफाई के लिए प्रेरित किया गया। श्री कटारूचक्क ने आगे कहा कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक गांव को साफ-सफाई के लिए पंजाब सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त दी जाएगी।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र पट्टी के गांव राधलके, राम सिंह वाला और मुंठियावाला आदि में सफाई अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि यह सफाई अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह साफ नहीं हो जाते। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के सभी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है।

इसी दौरान पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि 16 सितंबर तक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार प्रभावित गांवों की संख्या 2472 से बढ़कर 2483 और प्रभावित आबादी 389176 से बढ़कर 389258 हो गई है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राहत कार्यों में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल रही है क्योंकि राहत कैंपों की संख्या 66 से घटकर 41 हो गई है और इन कैंपों में रह रहे व्यक्तियों की संख्या भी 3449 से घटकर 1945 रह गई है, जो जमीनी स्तर पर स्थिति में हो रहे सुधार को दर्शाती है।

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