चंडीगढ़ : नशों के खिलाफ चल रही निर्णायक मुहिम ‘ युद्ध नशों विरूद्ध’ के 15 महीने पूरे हो गए हैं। इस दौरान पंजाब पुलिस ने संगठित नशा तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को व्यवस्थित ढंग से ध्वस्त कर दिया है, जिससे पूरे राज्य में सक्रिय नार्को-हवाला सिंडिकेटों को बड़ा झटका लगा है। इस अभियान के परिणामस्वरूप लगभग 750 नशा तस्करों की 300 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां रणनीतिक रूप से जब्त की गई हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
डीजीपी ने कहा कि, “पंजाब पुलिस ने केवल स्थानीय स्तर पर जब्ती तक सीमित न रहकर, सीमा पार से होने वाली तस्करी को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले तस्करों के व्यापक आर्थिक ढांचे को समाप्त करने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है।”उल्लेखनीय है कि इस नशा विरोधी अभियान की शुरुआत से ही पंजाब पुलिस राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में प्रतिदिन एक साथ नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है।डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि अभियान शुरू होने के बाद से पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत 46,937 एफआईआर दर्ज की हैं तथा 65,884 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने जांच अधिकारियों की सहायता के लिए प्रत्येक जिले में समर्पित वित्तीय जांच इकाइयां (एफआईयू) स्थापित की हैं, ताकि आरोपी किसी भी स्तर पर कानून के शिकंजे से बच न सकें। उन्होंने कहा कि इस संरचनात्मक सुधार के परिणामस्वरूप 65 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया गया तथा 8.85 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई।उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण अभियानों में से एक में फगवाड़ा स्थित शर्मा फॉरेक्स मनी एक्सचेंज से 5.09 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त और फ्रीज की गईं। इस कार्रवाई से एक बड़े वित्तीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जो संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के लिए ड्राइवरों के वेतन भुगतान की आड़ में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) कर रहा था।
सीमा पार नेटवर्क के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने लुधियाना में बीकानेर आधारित एक ऑपरेटर से 20.55 लाख रुपये बरामद किए, जो पाकिस्तान से जुड़े ड्रग कुरियरों को वित्तपोषित करने के लिए अग्रिम भुगतान का प्रबंधन करता था। इसी प्रकार अमृतसर में विदेशी मुद्रा तथा भारतीय मुद्रा सहित 1.24 करोड़ रुपये की बरामदगी से नार्को-हथियार गठजोड़ का भी खुलासा हुआ।डीजीपी ने कहा कि यह अभूतपूर्व सफलता आधुनिक तकनीक और खुफिया जानकारी आधारित पुलिसिंग के व्यापक उपयोग से संभव हुई है। उन्होंने बताया कि पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) के एकीकरण से जांच प्रक्रिया में क्रांतिकारी सुधार आया है।



