चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए हरियाणा सरकार ने ‘विकसित हरियाणा-2047’ के व्यापक विजन पर कार्य शुरू कर दिया है। इसी उद्देश्य से आज प्रदेश के सभी विधायकों के साथ आयोजित बैठक में ‘विकसित हरियाणा-2047’ के बारे में चिंतन किया गया। इस अभियान की थीम ‘मेरी विकसित विधानसभा’ रखी गई है, जिसके माध्यम से विकसित हरियाणा की शुरुआत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से होगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा निवास में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए अगले 20 वर्षों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र का ‘विजन चैंपियन’ बनकर क्षेत्र की समस्याओं, संभावनाओं और विकास की प्राथमिकताओं की पहचान करेगा तथा विकास की कार्ययोजना तैयार करेगा। इस अवसर पर पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा भी उपस्थित थे।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक के लिए कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें हरियाणा की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक तक पहुंचाना, प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को 40 लाख रुपये से अधिक करना, महिला श्रम भागीदारी को 45 प्रतिशत से ऊपर ले जाना तथा महिला साक्षरता को 100 प्रतिशत तक पहुंचाना शामिल है। इसके अलावा प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने तथा हर घर तक पाइप के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरी विकसित विधानसभा अभियान’ के अंतर्गत जुलाई और अगस्त माह में सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर जनता से सीधा संवाद करेंगे।
इस दौरान गांवों, वार्डों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, उद्योगों, स्वयं सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों के आधार पर विकसित हरियाणा का जनभागीदारी आधारित रोडमैप तैयार किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस अभियान में शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं पोषण तथा जल, स्वच्छता एवं पर्यावरण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बेटी को शिक्षित, प्रत्येक युवा को कुशल और प्रत्येक हाथ को रोजगार उपलब्ध कराना है। रोजगार क्षमता को 95 प्रतिशत तक पहुंचाने तथा आईटीआई, पॉलीटेक्निक और कॉलेजों को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में मातृ मृत्यु दर को 10 से कम तथा शिशु मृत्यु दर को 5 से कम करने, 100 प्रतिशत टीकाकरण और संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं जल एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने तथा नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को 70 प्रतिशत से अधिक करने का संकल्प लिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक सरकार या एक कार्यकाल तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्ष 2047 तक हरियाणा के भविष्य की दीर्घकालिक कार्ययोजना है। इससे पहले की सरकारों में केवल चुनावों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जाती थी, वे पार्टियां केवल 5 साल की सोच के साथ अपना घोषणापत्र जारी करती थी और उनमें से कुछ ही घोषणाओं पर काम होता था। शेष घोषणाओं को डेंटिंग-पेंटिंग करके अगले साल के लिए पुनः प्रस्तुत कर दिया जाता था। लेकिन हमारी सरकार 20-20 साल की योजनाएं बना रही हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए ठोस कदम भी उठा रही है।
विकसित हरियाणा-2047 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक विभाग के वार्षिक लक्ष्य तय किए जाएंगे, उनकी नियमित समीक्षा की जाएगी तथा डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की प्रगति की व्यक्तिगत समीक्षा वे स्वयं करेंगे। नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित हरियाणा, विकसित भारत की प्राणशक्ति बनेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हरियाणा अग्रणी भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू, ओएसडी वीरेंद्र सिंह बड़खालसा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष कुमार लोहान तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीन अत्रे भी मौजूद थे।



