कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी बगावत के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागी नेताओं को कड़ा संदेश दिया है। ममता ने स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें रोकना है, तब उन्हें मारना पड़ेगा, क्योंकि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाने वाला और उनकी आवाज कोई नहीं दबा सकता। उन्होंने बागी नेताओं को सीधी चुनौती देकर कहा, अगर हिम्मत है, तब खुलकर भाजपा में शामिल हो जाओ। तुम्हें क्या लगता है कि मैं खत्म हो गई हूं?ममता ने आरोप लगाया कि ये बागी नेता अब खुले तौर पर भाजपा के लिए काम कर रहे हैं और गद्दारी की भी सीमा होती है। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने पार्टी सिंबल पर चुनाव जीता, वहीं अब उसी पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं, जिसने उन्हें राजनीतिक पहचान दी।
ममता का यह बयान तब आया है जब पार्टी के भीतर बड़ी टूट देखने को मिली है। पार्टी के 20 सांसद और 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं, जिन्होंने पार्टी सिंबल और नाम पर दावा किया है। हाल ही में, टीएमसी की पश्चिम बंगाल अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी अपने पद से इस्तीफा देकर बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के साथ नजर आईं। इन विधायकों ने 3 जून को ममता के नेतृत्व से अलग होने की घोषणा की थी, जबकि सांसदों ने 15 जून को त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (एनसीपीआई) में विलय कर लिया था। ममता ने कहा कि वे इस बगावत का डटकर मुकाबला करेंगी और जनता के बीच अपनी पार्टी का चिह्न लेकर जाएंगी।



