चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री स्किल एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के अंतर्गत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) का उन्नयन किया जाएगा, जिस पर 2,892 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी) की पहली बैठक हुई।
बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित 12 क्लस्टरों में से कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मडलौडा तथा बेरली कलां सहित सात क्लस्टरों की पहचान कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा की जा चुकी है। इनमें से कुरुक्षेत्र, पलवल, छारा, कलायत और सोनीपत क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किए जा चुके हैं।बैठक में बताया गया कि पीएम-सेतु योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2024-25 में की गई थी तथा 2025-26 में इसका विस्तार किया गया। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर कुल लागत 60,000 करोड़ रुपये है। योजना के पूंजीगत व्यय में केंद्र, राज्य सरकार और उद्योग साझेदारों की हिस्सेदारी क्रमशः 50:33:17 के अनुपात में होगी, जबकि परिचालन व्यय राज्य सरकार और उद्योग साझेदार संयुक्त रूप से वहन करेंगे।
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि योजना के दो प्रमुख घटक हैं। प्रथम घटक के तहत देशभर में 200 हब एवं 800 स्पोक क्लस्टरों के माध्यम से 1,000 आईटीआई का उन्नयन राज्यों द्वारा किया जाएगा, जबकि द्वितीय घटक के तहत 5 राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों एवं 5 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों का सुदृढ़ीकरण केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।उन्होंने बताया कि हरियाणा में प्रत्येक क्लस्टर में एक हब आईटीआई होगा, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आईटीआई जुड़े होंगे। इन संस्थानों में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स), प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी। राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में बताया गया कि कुरुक्षेत्र एवं कैथल क्लस्टरों के लिए, जिनमें राजकीय आईटीआई कुरुक्षेत्र के साथ पांच तथा राजकीय आईटीआई कलायत के साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं और जिनकी संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है, जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम तथा उसकी सामाजिक भागीदार जिंदल फाउंडेशन ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत की है। इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।बैठक में बताया गया कि राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो।बैठक में अधिकारियों ने योजना के अभिनव क्रियान्वयन मॉडल की भी जानकारी दी। इसके तहत प्रत्येक क्लस्टर का संचालन उद्योग-संचालित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें 51 प्रतिशत हिस्सेदारी एंकर इंडस्ट्री पार्टनर तथा शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र एवं राज्य सरकार की होगी।बैठक में यह भी बताया गया कि राज्य सरकार पीएम-सेतु योजना के तहत प्रदेश की वित्तीय हिस्सेदारी उपलब्ध कराने के लिए राज्य वित्त आयोग से नई बजट योजना की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में है।
वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में सभी 12 क्लस्टरों के लिए राज्य सरकार द्वारा 1,176 करोड़ रुपये का योगदान प्रस्तावित है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि पीएम-सेतु योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद राज्य में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, आईटीआई विद्यार्थियों के रोजगार के अवसर बेहतर होंगे तथा राज्य का कौशल विकास तंत्र ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य के अनुरूप और अधिक सशक्त होगा।



