नई दिल्ली । देश में हर साल हजारों जिंदगियां लेने वाले डेंगू के कहर से अब स्थायी मुक्ति मिल सकती है। भारत सरकार ने जापानी दवा कंपनी ताकेदा फार्मास्युटिकल द्वारा विकसित डेंगू वैक्सीन क्यूदेंगा को मंजूरी दे दी है। ड्रग नियामक संस्था सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड एंड ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) द्वारा दी गई यह हरी झंडी देश में डेंगू के बढ़ते बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।यह वैक्सीन टेट्रावैलेंट लाइव एटेन्यूएटेड तकनीक पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि यह डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप से सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन लोगों को भी दिया जा सकता है जिन्हें पहले डेंगू हो चुका है, और उन लोगों को भी जिन्होंने कभी यह बीमारी नहीं झेली है। वैक्सीन लगवाने से पहले डेंगू की जांच कराना ज़रूरी नहीं होगा।
यह मंजूरी तब आई है जब भारत में पिछले दो दशकों के दौरान डेंगू के मामलों में 11 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर डेंगू के कुल मामलों में लगभग एक-तिहाई हिस्सेदारी भारत की है, जो इस वैक्सीन की आवश्यकता को और भी बढ़ा देती है। ताकेदा ने 2024 में भारतीय वैक्सीन कंपनी बायोलॉजिक ई के साथ साझेदारी की थी, जिसके तहत बायोलॉजिक ई प्रति वर्ष 5 करोड़ खुराक बनाने की क्षमता विकसित करेगी। इससे ताकेदा को दशक के अंत तक दुनिया भर में 10 करोड़ खुराक प्रति वर्ष उत्पादन के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। क्यूदेंगा को 2022 में लांच होने के बाद से अब तक 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनियाभर में इसकी 3.2 करोड़ से अधिक खुराक वितरित की जा चुकी हैं। कंपनी के अनुसार, लंबी अवधि के अध्ययनों में इस वैक्सीन ने डेंगू संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम के खिलाफ लगातार प्रभावी सुरक्षा प्रदान की है।



