HomeHaryanaसवा लाख में जाली वसीयत तैयार करने वाला आरोपी गिरफ्तार

सवा लाख में जाली वसीयत तैयार करने वाला आरोपी गिरफ्तार

पंचकूला  : पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन व डीसीपी सृष्टि गुप्ता के नेतृत्व में पंचकूला पुलिस ने पुश्तैनी संपत्ति को हड़पने के लिए जाली वसीयत तैयार कर कब्जा करने के मामले में दूसरे आरोपी को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया है। डीसीपी सृष्टि गुप्ता के अनुसार आरोपी ने सवा लाख में यह सौदा तय किया था। आरोपी की पहचान सेठी लाल पुत्र इंद्रजीत वर्मा वासी लुधियाना पंजाब के रूप में हुई है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है। इस मामले में अन्य सह आरोपियों की भागीदारी के बारे में पता किया जा रहा है।

यह था पूरा मामला – मामले में शिकायतकर्ता रणजोध सिंह पुत्र स्वर्गीय महंगा राम सुड, जो कि यू.के. पुलिस विभाग से रिटायर्ड हैं और वर्तमान में डर्बी (यू.के.) में रहते हैं, ने सेक्टर-2 पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पुश्तैनी जमीन, जो कि सेक्टर-2, अर्बन एस्टेट पंचकूला में स्थित है, वर्ष 1996 में एचयूडीए द्वारा उनके पिता महंगा राम के नाम अलॉट की गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उनके जानकार एचएसवीपी पंचकूला पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उक्त प्लॉट रोहित नामक व्यक्ति के नाम दर्ज है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने वर्ष 2008 की तारीख में जाली वसीयत तैयार कर इस संपत्ति को अपने नाम करवाया है। इस पर पुलिस ने 7 जुलाई को थाना सेक्टर-5 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340 व 61 के तहत मामला दर्ज किया। वर्ष 2012 में महंगा राम की मृत्यू हो गई थी।

एक आरोपी पहले से गिरफ्तार – डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि मामले की गहन जांच सेक्टर 2 चौकी टीम द्वारा की गई। 25 अगस्त को पुलिस टीम ने सब रजिस्ट्रार लुधियाना वेस्ट से आरोपी द्वारा तैयार की गई जाली वसीयत का रिकॉर्ड प्राप्त किया। जब तहसील में इसकी जांच की गई तो कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। तत्पश्चात 26 अगस्त को पुलिस ने पहले आरोपी रोहित कुमार पुत्र बंत राम, वासी जिला संगरूर (पंजाब), हाल फतेहाबाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में पहले आरोपी ने खुलासा किया था कि उसके पिता बंत राम और शिकायतकर्ता के पिता महंगा राम घनिष्ठ मित्र थे।

महंगा राम ज्यादातर विदेश में रहते थे और भारत आने पर उनके घर पर ठहरते थे। इसी कारण घर की देखरेख और चाबी भी उसके पास रहती थी। महंगा राम के बच्चे कभी भारत नहीं आते थे। तो इस बीच उसने लालचवश संपत्ति अपने नाम करवाने की साजिश रची और अपने साथियों के साथ मिलकर जाली दस्तावेज तैयार करवाए। साथ ही प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हुए उसने वसीयत को अपने नाम दिखाकर कोठी हड़पने की कोशिश की। पूछताछ के दौरान ही दूसरे आरोपी सेठी लाल की भूमिका के बारे में पता चला था। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था। जांच अधिकारी एएसआई निर्मल द्वारा मामले में तफ्तीश जारी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments