नवी मुंबई । भारतीय महिला क्रिकेट टीम गुरुवार को यहां होने वाले महिला विश्वकप कप के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला करेगी। इस मैच में जीत के लिए भारतीय टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इसका कारण है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम काफी मजबूत है और उसके खिलाफ भारतीय टीम का रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो अब तक दोनो ही टीमों के बीच हुए 60 मैचों में से 49 में ऑस्ट्रेलियाई टीम जीती है जबकि केवल 11 में भारतीय टीम जीती है। भारतीय टीम अगर सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हरा देती है तो उसके लिए खिताब जीतना काफी आसान हो जाएगा। इस टूर्नामेंट में अब तक भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी रही है पर इसके बाद भी अगर टीम बेहतर तरीके से खेले तो उसके पास ऑस्ट्रेलिया को हराने का अच्छा अवसर है।
भारतीय टीम कोपहले दो मैच में जीत के बाद उसे लगातार तीन मैच में हार का सामना करना पड़ा हालांकि इसके बाद उसने अच्छी वापसी की और सेमीफाइनल में जगह बनायी हालांकि शानदार फार्म में चल हरी प्रतीका रावल के चोटिल होकर बाहर होने से उसे झटका लगा है। प्रतिका ने इस टूर्नामेंट में पारी की शुरुआत करते हुए काफी अच्छी बल्लेबाजी की है।वहीं अब भारतीय टीम को इस मैच में जीतने के लिए अपने प्रयासों में कोई कमी नहीं रखनी होगी। प्रतिका की जगह शामिल शेफाली वर्मा कैसा प्रदर्शन करती हैं। इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा।उप-कप्तान स्मृति मंधाना के साथ शैफाली का रिकॉर्ड (25 पारियों में 37.20 की औसत से 893 रन) रावल और मंधाना के सलामी जोड़ी के रूप में 23 पारियों में 78.21 की औसत से 1,799 रनों से काफी कम है। शैफाली आक्रमक तो हैं पर पिछले कुछ समय में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। इस मैच खेलना होगा कि शैफाली को उतारा जाता है या हरलीन देओल को सलामी बल्लेबाज के रूप में भेजा जाता है। हरलीन ने भी सात मैचों में 75.11 की औसत से बिना किसी अर्धशतक के 169 रन बनाए हैं और उनका रिकार्ड भी कुछ खास नहीं है पर वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करती हैं।
इससे मंधाना को दूसरे छोर से रन बनाने का अवसर रहता हहै। वहीं पिच की बात करें तो यहां हो रही बारिश के बाद भी पिच बल्लेबाजी के अनुकूल है । ऐेसे में बड़े स्कोर का पीछा करना किसी भी टीम के लिए कठिन होगा।इस मैच में स्पिनर राधा यादव को टीम में बनाए रखा जा सका है। इसका कारण है कि वह अच्छी क्षेत्र रक्षक हैं और अब तक उसकी गेंदबाजी भी प्रभावी रही है। वहीं दूसरी ओर स्पिनर स्नेहा राणा का प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं रहा है। हरमनप्रीत अभी तक बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है और इस बार वह बड़ी पारी खेलकर टीम को जीत दिलाना चाहेंगी।भारतीय टीम को इस मैच में भी मंधाना से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगीहै। उन्होंने अब तक इस टूर्नामेंट में 60.83 की औसत से 365 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्द्धशतक शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन अब तक हर क्षेत्र में काफी अच्छा रहा है जिसे वह बनाये रखना चाहेगी। कप्तान एलिया हीली की वापसी से भी टीम का मनोबल बढ़ेगा। हीली ने इस टूर्नामेंट में काफी रन बनाये थे हालांकि फिट नहीं होने के कारण वह पिछले मैच से बाहर थीं1
दोनो ही टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), उमा छेत्री (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), हरलीन देयोल, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, राधा यादव।
ऑस्ट्रेलिया : एलिसा हीली (कप्तान और विकेटकीपर), ताहलिया मैकग्राथ (उपकप्तान), एलिस पेरी, बेथ मूनी (विकेटकीपर), फोबे लिचफील्ड, जॉर्जिया वोल, एशले गार्डनर, किम गर्थ, हीथर ग्राहम, अलाना किंग, सोफी मोलिनक्स, एनाबेल सदरलैंड, डार्सी ब्राउन, मेगन स्कुट, जॉर्जिया वेयरहैम।



