धान की खरीद सीजन से पहले आढ़तिया एसोसिएशनों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श
चंडीगढ़ – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की फसल खरीद प्रणाली में आढ़तिए एक अभिन्न अंग हैं और सरकार उनकी समग्र भलाई के लिए नीतियां बनाने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।राज्य सरकार के अथक प्रयासों के कारण ही केंद्र सरकार द्वारा आढ़तियों के प्रति क्विंटल कमीशन में 4.74 रुपये की वृद्धि की गई है। पंजाब सरकार हर खरीद सीजन को सफल बनाने के लिए अन्य हितधारकों के साथ मिलकर आढ़तियों द्वारा डाले जाने वाले महत्वपूर्ण योगदान से भली-भांति परिचित है।
कृषि एवं किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल पर आधारित मंत्री समूह द्वारा आज यहां आने वाले धान की खरीद सीजन के मद्देनजर फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन पंजाब के अध्यक्ष विजय कालड़ा और आढ़तिया एसोसिएशन पंजाब के अध्यक्ष जसविंदर सिंह राणा के नेतृत्व वाली एसोसिएशनों के साथ बैठक के दौरान यह प्रतिबद्धता दोहराई गई।
एसोसिएशनों द्वारा अपनी विभिन्न मांगें रखी गईं जैसे कि ई.पी.एफ. अधिकारियों के पास पड़ी 55 करोड़ रुपये की राशि को जारी करवाना और भविष्य में ई.पी.एफ. की कटौती न की जाना क्योंकि मजदूर हर सीजन में अस्थायी आधार पर रखे जाते हैं, रात के समय कंबाइनों के न चलने संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करना, पंजाब की मंडियों में दूसरे राज्यों से धान की बिक्री को रोकना सुनिश्चित करना, आने वाले धान की खरीद सीजन के मद्देनजर स्टोरेज स्थान बनाने के लिए राज्य में पहले से स्टोर किए गए अनाज की तेजी से राज्य से बाहर ढुलाई सुनिश्चित करना।
इसके अलावा अन्य मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई जिनमें मंडियों में आढ़तियों की दुकानों और प्लॉटों की बकाया किस्तों पर लगाए गए जुर्मानों के मुद्दे को हल करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओ.टी.एस.) स्कीम लाना और धान की खरीद सीजन के दौरान आने वाली कृषि फसल के लिए स्थान बनाने के लिए मंडियों में अस्थायी यार्डों की अनुमति देना शामिल है।मंत्री समूह ने आढ़तिया एसोसिएशनों द्वारा उठाए गए हर मुद्दे के हर पहलू पर विस्तार सहित विचार-विमर्श किया और इन्हें सरकार में उचित स्तर पर उठाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।इस अवसर पर अन्य के अलावा प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग राहुल तिवारी, निदेशक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले वरिंदर कुमार शर्मा और अतिरिक्त निदेशक खाद्य आपूर्ति अजैवीर सिंह सराओ भी मौजूद थे।



