चंडीगढ़ । हरियाणा पुलिस, प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के अपने संकल्प पर पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में, राज्यव्यापी विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ ने एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। इस विशेष मुहिम के तहत अब तक 5,581 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जो हरियाणा पुलिस की अपराध के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। पुलिस ने संगठित अपराध के सिंडिकेट को ध्वस्त करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक कुल 1656 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार किए गए है।हरियाणा पुलिस की सभी जिला यूनिटें और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) मिशन मोड में काम करते हुए, लगातार अपराधियों का पीछा कर रही हैं। कार्रवाई की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 25 नवंबर 2025 को ही 54 कुख्यात अपराधी और 233 अन्य आरोपियों को काबू किया गया। इसके अतिरिक्त आज तक़रीबन 24 हिस्ट्री शीट भी खोली गई है।
फरीदाबाद पुलिस का ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के तहत एक दिन में बड़ा प्रहार: 10 संगीन अपराधी गिरफ्तार, 20 मामलों का हिस्ट्रीशीटर भी गिरफ्त में – प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने के संकल्प के साथ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के अंतर्गत फरीदाबाद पुलिस ने अपराधियों पर एक और निर्णायक और बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान की सफलता में फरीदाबाद पुलिस की भूमिका लगातार अहम बनी हुई है, जिसने 25 नवंबर 2025 को केवल एक ही दिन में फिरौती, लूट, हत्या, हत्या के प्रयास, और शस्त्र अधिनियम जैसे संगीन मामलों में शामिल 10 अपराधियों को धर दबोच कर उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस आक्रामक कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने अपराधियों के कब्जे से दो देसी कट्टा भी बरामद किए। इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू थाना सदर बल्लभगढ़ के एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपी मनोज उर्फ जीरो की गिरफ्तारी रही। यह अपराधी एक फिरौती के मामले में फरार चल रहा था, जिसके बाद उसे अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने गिरफ्तार कर किया। अपराधी मनोज उर्फ जीरो का एक लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास है, जिसके खिलाफ पहले से ही हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती और लूटपाट सहित विभिन्न धाराओं में 20 मामले दर्ज हैं।
‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के शुरू होने से अब तक फरीदाबाद पुलिस ने कुल 112 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।गुरुग्राम पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर पुलिसकर्मी को धमकाने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार।गुरुग्राम पुलिस ने एक ऐसी बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो शातिर अपराधी फर्जी विजिलेंस अधिकारी बनकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से ही उगाही कर रहे थे। यह मामला 15 अक्टूबर 2025 का है, जब महफिल गार्डन रेड लाइट पर तैनात एक यातायात जोनल अधिकारी पुलिसकर्मी को एक ग्रे रंग की बलेनो कार में आए दो व्यक्तियों ने धमकी दी। इन जालसाजों ने अपना परिचय विजिलेंस अधिकारी के रूप में दिया और पुलिसकर्मी को अपने बूथ में चलने को कहा। बूथ के अंदर जाकर उन्होंने पुलिसकर्मी को धमकाया कि उनके खिलाफ शिकायतें हैं, जिसके निपटारे के लिए उन्होंने पचास हजार रुपये और तुरंत ‘पार्टी’ के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की। जब पुलिसकर्मी ने रुपये देने से मना कर दिया, तो आरोपियों ने रात में उसे एक धमकी भरा वीडियो भी भेजा। पुलिसकर्मी की शिकायत पर थाना सैक्टर-50, गुरुग्राम में तुरंत संबंधित धाराओं के तहत अभियोग (मु.न. 301) दर्ज किया गया।
इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, अपराध शाखा सैक्टर-40, गुरुग्राम के इंचार्ज उप-निरीक्षक ललित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और कल, 25 नवंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हुड्डा मार्किट सैक्टर-40 के नजदीक से धर दबोचा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चरखी-दादरी के दीपक (45) और मूल रूप से नेपाल के नितिन कुमार (50) के रूप में हुई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करने वाला दीपक और नेपाल में रहने वाला नितिन करीब दो साल पहले नेपाल में मिले थे। वे एक साथ मिलकर किसी भी पुलिसकर्मी को निशाना बनाते थे, उन्हें फर्जी शिकायत का हवाला देकर डराते थे और फिर रुपयों की मांग करते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इस तरह की करीब छह से सात वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने इस वारदात में इस्तेमाल की गई मारुति बलेनो कार भी आरोपियों के कब्जे से बरामद की है।गौरतलब है कि आरोपी नितिन के खिलाफ पहले से ही दिल्ली और उत्तर प्रदेश के थानों में आर्म्स एक्ट, चोरी, और अन्य संगीन धाराओं सहित 5 मामले दर्ज हैं, जबकि दीपक भी चेक बाउंस के दो मामलों में नामजद है। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि उनके पूरे नेटवर्क और अन्य वारदातों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा सके।
बड़े आपराधिक गिरोह पर STF का शिकंजा: मोस्ट वांटेड अपराधी अमर सिंह ‘मुछ’ विदेशी पिस्तौल के साथ गिरफ्तार – हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) करनाल इकाई ने बड़े आपराधिक गिरोह के एक सक्रिय और मोस्ट वांटेड सदस्य अमर सिंह उर्फ राज कुमार उर्फ मुछ को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब यह गिरोह करनाल और आसपास के जिलों में अशांति फैलाने और किसी अप्रिय वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।यह गैंग एक अन्य बड़े आपराधिक गिरोह का सहायक गैंग है, जिसे इसका मुखिया भौंडसी जेल में बैठकर संचालित करता है, जबकि उसका छोटा भाई विदेश से सक्रिय है। ये दोनों मिलकर संगठित अपराधों को अंजाम देते हैं, जिनमें मुख्य रूप से शराब के ठेकेदारों, व्यापारियों और प्रतिष्ठित लोगों को डरा-धमकाकर फिरौती वसूलना शामिल है। इस गैंग का मकसद फिरौती से अपनी आपराधिक गतिविधियों को चलाना है। गैंगस्टर और उसके पिता जोगिंदर सिंह भी यूएपीए एक्ट और संगठित अपराधों के तहत दर्ज विभिन्न मुकदमों में जेल में बंद हैं।
एसटीएफ करनाल इकाई की टीम संगठित अपराधों में शामिल इन गिरोहों पर पिछले काफी समय से खुफिया तौर पर काम कर रही थी। 25 नवंबर 2025 को एक गुप्त सूचना मिली कि बड़े आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य अमर सिंह उर्फ मुछ, जो निरंतर इस गैंग के साथ फिरौती और अन्य अपराधों में संलिप्त रहता है, एक काली फोर्ड एंडेवर गाड़ी (नंबर GJ06PB-0001) में नाजायज हथियार के साथ इंद्री से करनाल की तरफ आ रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने तुरंत करनाल-इंद्री रोड पर नया रिंग रोड फ्लाईओवर के नीचे नाकाबंदी की। करीब दस मिनट बाद, पुलिस ने संदिग्ध गाड़ी को रोककर उसमें सवार चालक को काबू किया। पूछताछ में उसकी पहचान मेरठ, उत्तर प्रदेश निवासी अमर सिंह उर्फ मुछ के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से एक नाजायज विदेशी पिस्तौल 9MM (Glock) और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। यह पिस्तौल एक विदेशी निर्मित ऑटोमैटिक हथियार है। अमर सिंह उर्फ मुछ के खिलाफ पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, और आर्म्स एक्ट सहित चार संगीन मामले दर्ज हैं, जो उसकी खतरनाक आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। आरोपी अमर सिंह उर्फ मुछ के खिलाफ थाना सदर करनाल में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा (मु.न. 900, दि. 25.11.2025) दर्ज किया गया है। उसे कल माननीय अदालत में पेश किया जाएगा और गैंग की अन्य गतिविधियों व साजिशों का खुलासा करने के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
पानीपत पुलिस के ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ की जबरदस्त दबिश: साढ़े 4 महीने से फरार इनामी आरोपी ने कोर्ट में किया सरेंडर।पानीपत पुलिस द्वारा अपराधियों पर चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पानीपत पुलिस की लगातार दबिश और सक्रिय कार्रवाई के चलते, थाना किला क्षेत्र के एक सनसनीखेज मामले में साढ़े चार महीने से फरार चल रहे चौथे मुख्य आरोपी ने माननीय न्यायालय में सरेंडर कर दिया है। यह मामला 6 जुलाई का है, जब महादेव कॉलोनी निवासी राम प्रसाद उर्फ राम और उसके साथियों ने डेरी में घुसकर नशा मुक्त समाज सुधार समिति के प्रधान राजकुमार को गंडासी और डंडों से गंभीर चोट पहुंचाई थी और 3100 रुपये लूट लिए थे। शिकायतकर्ता ने बताया था कि आरोपी सभी नशे के कारोबार से जुड़े हैं और उन्होंने रंजिशन इस वारदात को अंजाम दिया, क्योंकि वह नशे से जुड़े लोगों के खिलाफ अभियान चलाता था।
इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी अश्वनी, सन्नी और आशु उर्फ अश्वनी को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त गंडासी और बाइक बरामद कर जेल भेज चुकी थी। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण ही महादेव कॉलोनी निवासी इस अपराधी ने सोमवार को माननीय न्यायालय में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपी को कोर्ट से गिरफ्तार कर पूछताछ की, जहां उसने अपने तीन साथी आरोपियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपी राम प्रसाद उर्फ राम एक कुख्यात अपराधी है, जिसके खिलाफ पानीपत के थाना किला और थाना शहर में ग्यारह (11) संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड में वर्ष 2019 में एनडीपीएस एक्ट, वर्ष 2021 में अपहरण, दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने, लूटपाट, चोरी और गंभीर मारपीट जैसे कई मामले शामिल हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।



