नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है, लेकिन इसी बीच पार्टी नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि 2029 का लोकसभा चुनाव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हाल ही में इस विषय पर प्रश्न पूछे गए, क्योंकि उन्हें अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में शामिल बताया जा रहा था। इसके साथ ही उनकी चर्चा पीएम मोदी के उत्तराधिकारी के रूप में भी चल रही थी।एक कार्यक्रम में फडणवीस से पूछा गया कि क्या वे पीएम मोदी के संभावित उत्तराधिकारी हो सकते हैं। जवाब में उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की चर्चाओं की कोई आवश्यकता नहीं है।
उनके अनुसार प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह स्वस्थ हैं और वे ही 2029 में पार्टी का नेतृत्व करेंगे। फडणवीस ने कहा कि मोदी किसी 40 वर्ष के व्यक्ति से भी अधिक ऊर्जावान हैं, दिन में 17 घंटे से अधिक काम करते हैं और बैठकों के दौरान कभी थकान के संकेत नहीं दिखाते। उन्होंने कहा कि जब तक वह मानसिक और शारीरिक रूप से फिट हैं, तब तक नेतृत्व के लिए किसी और विकल्प पर विचार करने का कोई कारण नहीं है।फडणवीस का यह बयान उस समय आया है जब कुछ राजनीतिक हलकों में सत्ता परिवर्तन या भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चा हो रही थी।
इसी क्रम में कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हाल में अमेरिका में सुर्खियां बनी “एपस्टीन फाइल्स” का संदर्भ देते हुए दावा किया था कि इस मामले से जुड़े दस्तावेज सामने आने पर भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है और कोई मराठी नेता प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि इसका असर अगले महीने तक भी दिखाई दे सकता है।
उधर, बीजेपी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। बीते हफ्तों में संभावित दावेदारों में फडणवीस का नाम भी लिया गया था, हालांकि उन्होंने स्वयं इसे लेकर कोई दावा नहीं किया। साथ ही पार्टी की ओर से भी इस बारे में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। चर्चाओं में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और शिवराज सिंह चौहान के नाम भी शामिल रहे हैं।फिलहाल पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भी प्रधानमंत्री मोदी ही संगठन और चुनावी रणनीति के केंद्र में रहेंगे, जिससे नेतृत्व परिवर्तन की सभी अटकलों पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।



