जींद । उचाना खुर्द निवासी मिथा, जिसे अब कर्मवीर नाम से जाना जाता है, को पुलिस ने 25 साल बाद कुरुक्षेत्र जिले के गांव चनालहेड़ी से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया और जेल भेज दिया। मिथा के खिलाफ 1997 में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उस पर आरोप था कि उसने पुलिस कर्मचारियों के साथ मारपीट की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और उन्हें धमकी दी। वर्ष 2001 में जींद की अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाई थी।
इसके बाद उसने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका लगाई और जमानत पर बाहर आया, लेकिन फरार हो गया। हाई कोर्ट ने बाद में उसकी सजा बरकरार रखी। फरार रहते हुए मिथा ने अपना नाम बदलकर कर्मवीर रख लिया और कुरुक्षेत्र जिले के आसपास के गांवों में धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। वह संस्कृत, रामायण, महाभारत और वेदों का प्रचार-प्रसार करता रहा, ताकि अपनी असली पहचान छिपी रहे। पुलिस ने लंबे समय तक उसे खोजा, लेकिन 2022 तक कोई सुराग नहीं मिला। अंततः मुखबिर की सूचना पर मिथा को पकड़ लिया गया। उचाना मंडी चौकी प्रभारी ने बताया कि आसपास के गांवों में उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।



