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लाल चंद कटारूचक्क ने 5 जिलों में हाईवे पर फूलों वाले पौधे लगाने सम्बन्धी पायलट प्रोजैक्ट का किया ऐलान

चंडीगढ़: वातावरण को साफ़-सुथरा और हरा भरा बनाने के लिए कई अहम पहलकदमियों का ऐलान करते हुए वन और वन्य जीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज हाईवे के दोनों तरफ़ फूलों वाले पौधे लगाने वाले एक पायलट प्रोजैक्ट का ऐलान किया। एक राज्य स्तरीय विशेष कमेटी इस प्रोजैक्ट की निगरानी करेगी और समय-समय इसकी समीक्षा भी करेगी। शुरूआती दौर में, यह प्रोजैक्ट 5 जिलों: रोपड़ ( विशेष तौर पर श्री आनन्दपुर साहिब), शहीद भगत सिंह नगर (शहीद भगत सिंह के पैतृक गाँव खटकड़ कलां के आसपास के क्षेत्र में), संगरूर, पठानकोट और अमृतसर में लागू किया जायेगा। प्रोजैक्ट के अंतर्गत इन जिलों में हाईवे के दाएं – बांएं दोनों तरफ़ 500 मीटर की दूरी पर 5, 6 और 7 फुट तक की ऊँचाई वाले पौधे लगाए जाएंगे।

मंत्री ने पंजाब भवन में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये कहा कि पौधों के बढ़ने- फुलने और देखभाल को यकीनी बनाने के लिए उचित निगरानी की जायेगी। इसके इलावा, बाड़ लगाने का काम भी किया जायेगा जिससे पौधों को आवारा जानवरों से बचाया जा सके। इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये  कटारूचक्क ने बताया कि यह प्रोजैक्ट आसपास को बहुत साफ़- सुथरा और हरा-भरा बनाने की तरफ एक सहृदय प्रयास है। मंत्री ने कहा कि यह प्रोजैक्ट मनरेगा के अधीन काम करते लोगों के लिए रोज़गार के नये मौके भी यकीनी बनाऐगा।

दूसरी अहम पेशकदमी का उद्घाटन करते हुये मंत्री ने बताया कि आज की पीढ़ी को वृक्षों और वातावरण के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए इस विषय पर आधारित भाषण और कविता मुकाबले 23 जुलाई से बटाला में प्रसिद्ध कवि शिव कुमार बटालवी के जन्म दिवस वाले दिन से शुरू करवाए जाएंगे। यह मुकाबले एक महीने तक चलेंगे और चार श्रेणियोंः प्राइमरी (पहली से पाँचवी कक्षा), सेकंडरी ( छटी से दसवीं कक्षा), सीनियर सेकंडरी (ग्यारहवी और बारहवीं) और कालेज स्तर पर करवाए जाएंगे।

इस संबंधी और विस्तार में बताते हुये  कटारूचक्क ने कहा कि इन मुकाबलों के पहले दौर के विजेता आगे राज्य स्तर पर अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। राज्य स्तर पर चारों श्रेणियों में से हरेक में पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को क्रमवार 51,000 रुपए, 31,000 रुपए और 21,000 रुपए की इनामी राशि के साथ सम्मानित किया जायेगा। शिक्षा विभाग की देख-रेख अधीन करवाए जाने वाले इन मुकाबलों में पंजाबी साहित्य की मशहूर हस्तियां बतौर जज शामिल होंगी।

एक सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान वन अधीन क्षेत्र में विस्तार हुआ है। तथ्यों का हवाला देते हुये कटारूचक्क ने कहा कि 2021 में वन अधीन क्षेत्र 3144.47 वर्ग किलोमीटर था जब कि 2023 में यह बढ़ कर 3321.24 वर्ग किलोमीटर हो गया है। इस मौके पर अन्यों के इलावा वन और वन्य जीव संरक्षण विभाग के सचिव  प्रियांक भारती, वन के प्रमुख मुख्य वनपाल ( वन बल के प्रमुख)  धर्मेंद्र शर्मा और वनपाल, वन (शिवालिक सर्किल)  कन्नन मौजूद थे।

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