लखनऊ । कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े केस में बड़ी राहत मिली है। लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में आठ दिन तक सुनवाई चली। सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश तृतीय एसीजेएम आलोक वर्मा ने फैसला सुना दिया।यह याचिका बीजेपी के एस विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। इसमें शिशिर ने राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता के संबंध में उन पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी।लगाताार आठ दिनों चली सुनवाई में विग्नेश शिशिर ने अपनी दलीलें पेश कीं। अदालत के सामने केस से जुड़े कागजात पेश किए गए।
इस याचिका में राहुल गांधी के खिलाफ बीएनएस की विभन्नि धाराओं के साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम 1923, पासपोर्ट अधिनियम 1967 और विदेशी अधिनियम 1946 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं इसलिए उनकी भारतीय नागरिकता रद्द की जानी चाहिए। इस मामले में पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय और इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने सबूत पेश किए गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई रायबरेली की एमपी-एमएलए कोर्ट में की जा रही थी। लेकिन याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर अपनी जान को खतरा बताया और सुनवाई लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में करवाए जाने की मांग की।



