नई दिल्ली। बारिश का सीजन जहां खेती किसानी के लिए अति आवश्यक है वहीं यदि रौद्र रुप धारण कर ले तो बारिश तबाही भी मचा देती है। इस बार बारिश में कई ऐसे राज्य हैं जहां भारी तबाही हुई है। कईयों की जान चली गई तो कई लोगों के सपनों का घर पानी में बह गया। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सोमवार को भूस्खलन व मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया, जिससे पांच साल के एक बच्चे सहित 4 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में वैष्णो देवी मंदिर के पुराने मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ जिससे 70 साल के एक तीर्थयात्री की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि कटरा शहर में तेज बारिश से भूस्खलन हुआ जिसकी वजह से एक बुकिंग कार्यालय और उसके ऊपर बना लोहे का ढांचा ढह गया। मौसम विभाग के अनुसार, कटरा शहर में पिछले 24 घंटों में 184.2 मिमी बारिश हुई है। जम्मू में भूस्खलन की चपेट में आने से एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भारी बारिश के कारण सुतांह गांव में एक मकान के ऊपर चट्टान गिर गई, जिससे नवविवाहित दंपति की मौत हो गई। उनकी पहचान सनी और पल्लू के रूप में की गई है। राज्य में भारी बारिश के कारण 471 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। विद्यालयों को बंद कर दिया गया है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य के मौसम विभाग ने शिमला, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर और मंडी सहित राज्य के 12 जिलों में से पांच में बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
हिमाचल के मंडी जिले में बारिश के कारण 242 सड़कें अवरुद्ध पड़ी हैं। राज्य में 20 जून को मॉनसून की शुरुआत होने के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं में 72 लोगों की मौत हो गई है और 34 लोग लापता हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार शाम को आसमान में बादल छाए रहे और रिज व प्रगति मैदान सहित कई इलाकों में बारिश हुई। आईएमडी ने मंगलवार को दिल्ली में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 32 और 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को सफदरजंग बेस स्टेशन पर शहर का न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली में सुबह आर्द्रता का स्तर 83 प्रतिशत रहा जो काफी अधिक है।आईएमडी ने 24 जुलाई को उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई है, जिसके कारण पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्से के कुछ जिलों में 23 से 27 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।



