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उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे के बीच सियासी हलचल, जेपी नड्डा ने दी सफाई

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां इस इस्तीफे को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू की एक अहम मीटिंग में अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। अब इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की प्रतिक्रिया सामने आई है।इस्तीफे को लेकर लगाए जा रहे कयास और आरोपों के बीच जेपी नड्डा ने साफ किया कि वे किसी महत्वपूर्ण संसदीय कार्य में व्यस्त थे और उन्होंने मीटिंग में शामिल न हो पाने की सूचना उपराष्ट्रपति कार्यालय को पहले ही दे दी थी। कांग्रेस का दावा है कि दोपहर 1 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, जिससे यह इस्तीफा जुड़ा हो सकता है।

राज्यसभा क्लिप पर भी दी सफाई – जेपी नड्डा ने राज्यसभा की उस चर्चित क्लिप पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्हें यह कहते सुना गया था कि सिर्फ हमारी बात रिकॉर्ड में जाएगी। इस पर उन्होंने सफाई दी कि, मेरी बात विपक्षी सांसदों के लिए थी, चेयर के लिए नहीं। विपक्ष के सदस्य हंगामा कर रहे थे और मैंने कहा कि केवल मेरी बात ही रिकॉर्ड में जाएगी, उनका शोर नहीं।

संसद भवन में चल रही है अहम बैठक – इधर संसद भवन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अहम बैठक चल रही है। इस मीटिंग में जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू, और अर्जुन राम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक संसद के मौजूदा हालात और उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की पृष्ठभूमि को लेकर हो रही है।

विपक्ष की प्रतिक्रियाएं – कपिल सिब्बल ने कहा, कयास लगाने का कोई मतलब नहीं है। जब कोई व्यक्ति सत्ता के ऊंचे पद से इस्तीफा देता है, तो उसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। वहीं कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, राजनीति में कुछ भी अचानक नहीं होता। उपराष्ट्रपति के इस्तीफे की स्क्रिप्ट शायद पहले ही लिखी जा चुकी थी।

क्या है अगला कदम? – धनखड़ के इस्तीफे को लेकर अभी तक आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से मीटिंगों का दौर, मंत्रियों की गतिविधियां और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि इस घटनाक्रम के राजनीतिक मायने आने वाले समय में और गहरे हो सकते हैं। अब सबकी नजरें संसद में सरकार के अगले कदम और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।

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