HomeHaryanaनायब सरकार की नीति से आबकारी राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

नायब सरकार की नीति से आबकारी राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

चंडीगढ़– हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही प्रदेश सरकार की प्रभावशाली नीतियों के चलते एक बार फिर विकास की राह पर निर्णायक कदम बढ़े हैं। एक तरह से विपक्ष के आबकारी नीति को लेकर सरकार पर उठाये जा रहे सवालो का खुद ब खुद जवाब मिल गया है।  सरकार की सख्त, पारदर्शी और तेज़ फैसलों वाली कार्यशैली ने एक बार फिर अपना असर दिखा दिया है। हरियाणा आबकारी एवं कराधान विभाग ने 2388 खुदरा शराब दुकानों के लाइसेंस जारी करते हुए इस वर्ष 13.25% की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जो साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार की नीति जनहित और राज्यहित में सफल रही है। आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि राज्य के 1194 आबकारी क्षेत्रों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। प्रत्येक क्षेत्र में दो दुकानों की अनुमति के साथ कुल 2388 लाइसेंस दिए गए हैं।

विपक्ष के सवालों के बीच रिकॉर्ड कमाई – जहां एक ओर विपक्ष लगातार आबकारी नीति को लेकर राजनीतिक हमला बोल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार ने नीलामी से 14,342 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित कर विपक्ष को तथ्यों से जवाब दे दिया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 7025 करोड़ था, यानि एक ही वर्ष में दोगुनी कमाई।विशेष बात यह रही कि इस बार की नीलामी पिछले वर्षों की तुलना में काफी पहले और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। पिछली बार अगस्त में पूरी हुई नीलामी अब जुलाई में ही पूरी कर सरकार ने प्रक्रिया में सुधार और कुशल प्रशासनिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।

गुरुग्राम बना सबसे बड़ा राजस्व जनरेटर – गुरुग्राम ने 3875 करोड़ रुपये के साथ राज्य में सबसे अधिक राजस्व दिया,  जो कि कुल राजस्व का 27% है। इसके बाद फरीदाबाद (1696 करोड़), सोनीपत (1066 करोड़), रेवाड़ी (654 करोड़), हिसार (615 करोड़) जैसे जिलों में भी उल्लेखनीय आय दर्ज की गई।

ग्रामीण जिलों ने भी दिखाया दम – न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण जिलों में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। भिवानी (23.5%), फतेहाबाद (21%), हिसार (21%), कुरुक्षेत्र (20.5%) और पानीपत (18%) जैसे जिलों में इस बार पिछले वर्षों की तुलना में ज़बरदस्त उछाल आया, यह दर्शाता है कि सरकार की नीति ज़मीनी स्तर तक प्रभावी रही है।

अपराध नियंत्रण और सुशासन का असर – आबकारी एवं कराधान आयुक्त  विनय प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने समय रहते आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिससे इस बार की नीलामी में कोई बाधा नहीं आई और संभावित निवेशकों का विश्वास बढ़ा। यमुनानगर जैसे जिले, जहां पहले कम भागीदारी होती थी, वहां भी इस बार 439.88 करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि पिछले वर्ष यह 237.81 करोड़ था।

राजनीति से ऊपर उठकर विकास की गूंज – सरकार की यह सफलता विपक्ष को करारा जवाब है, जो बार-बार नीतियों की निंदा कर सरकार की छवि पर सवाल उठा रहा था। लेकिन अब, नतीजे खुद गवाही दे रहे हैं, कि हरियाणा की नायब सरकार केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि ज़मीन पर काम करने में यकीन रखती है।

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