नई दिल्ली। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव एक बार फिर टलता नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को होगा। इसकी जरुरत इसलिए है कि जगदीप धनखड़ के अचानक स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया है। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी ने अब इस चुनाव के संपन्न होने तक अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को टाल दिया है।बता दें पहले संभावना जताई जा रही थी कि बिहार चुनाव को देखते हुए संसद के मॉनसून सत्र के दौरान या इसके तुरंत बाद बीजेपी का नाया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाएगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी यह फैसला कर सकती है कि वह उपराष्ट्रपति चुनाव होने तक अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं करेगी। रिपोर्ट में बीजेपी के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले से ही टलते आ रहे मौजूदा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी को चुनने का फैसला पार्टी का शीर्ष नेतृ्त्व सितंबर तक टालने पर विचार कर रहा है।पार्टी के एक विश्वस्त सूत्र के हवाले से दावा किया गया है कि नड्डा की जगह पार्टी को उनका उत्तराधिकारी बिहार चुनाव से पहले ही मिलने की उम्मीद है। इन खबरों के बारे में जब बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं। उन्होंने कहा कि सिर्फ इतना ही मालूम है कि शुक्रवार देर रात राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा की राष्ट्रीय महामंत्रियों से बात हुई है। लेकिन इसमें क्या कुछ हुआ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
जब उपराष्ट्रपति और पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के संभावित नामों पर बीजेपी के पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए तो धर्मेंद्र प्रधान और मनोहर लाल खट्टर का नाम अभी तक आगे है…उपराष्ट्रपति के लिए किसका नाम आगे आएगा, अभी इसकी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। बीजेपी के लिए उपराष्ट्रपति चुनाव अहम हो गया है। हालांकि, सरकार के पास राज्यसभा में पूर्ण बहुमत है, लेकिन वहां पर वह ऐसे व्यक्ति को सभापति के रूप में देखना चाहती है, जो सदन में इसके लिए रास्ता सुगम बनाए रख सके।रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी को एक अच्छी खबर मिली है कि उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले राज्यसभा के तीन मनोनीत सदस्यों ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
इसकी वजह से अब उच्च सदन में बीजेपी के अपने सांसदों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है। उज्ज्वल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला और सी सदानंदन मास्टर जैसे मनोनीत सदस्यों ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। बता दें जेपी नड्डा का कार्यकाल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बढ़ाया गया था। फिर, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की वजह से बढ़ाया। बाद में सांगठनिक चुनाव पूरे नहीं होने के चलते यह काम नहीं हो सका। पिछले दिनों सांगठनिक चुनावों का इतना काम पूरा हो चुका है, जिसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करवाया जा सकता है। फिर संसद का मॉनसून सत्र आ गया और अब जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिसकी वजह से पार्टी के सामने नई परिस्थिति पैदा हो गई और अध्यक्ष का चुनाव टलता ही गया।



