नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में सोमवार सुबह भूकंप के झटके लगे। सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर धरती हिली। गनीमत रही कि भूकंप की तीव्रता काफी कम थी, जिसकी वजह से कहीं किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। हालांकि, भूकंप के लिहाज से संवेदनशील दिल्ली-एनसीआर में किसी तरह की कंपन एक सिहरन जरूर पैदा कर देती है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 से 4.0 के बीच रही। इससे पहले तिब्बत में भी 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। हरियाणा के सोनीपत में सोमवार सुबह 8:44 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लोगों ने बताया कि झटके इतने तेज थे कि घरों की दीवारें, खिड़कियां और बिस्तर हिलने लगे, जिससे लोग दहशत में आ गए और घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने बताया कि दिल्ली में भी भूकंप के झकटे महसूस किए गए हैं।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, भूकंप के ये झटके हल्की से मध्यम तीव्रता के बताया रहे हैं जो रिक्टर स्केल पर अनुमानित 3.0 से 4.0 के बीच दर्ज किया गया, लेकिन सोनीपत और आसपास के इलाकों जैसे रोहतक, झज्जर के कुछ हिस्सों में भी भूकंप को महसूस किया गया। स्थानीय लोगों ने इसे हाल के महीनों में आए झटकों से अधिक तेज बताया है। एनसीएस ने बताया कि आज सुबह 8:44 बजे उत्तर भारत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 2.8 मैग्नीट्यूड रही और इसका केंद्र उत्तर दिल्ली में था। इससे पहले तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तव्रती रिक्टर स्केल पर 4 मापी गई थी। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र जोन-4 (उच्च भूकंप संवेदनशील) में आता है। ये झटका स्थानीय फॉल्ट लाइनों (जैसे दिल्ली-मेरठ फॉल्ट या अरावली रेंज से जुड़ी) की वजह से आया माना जा रहा है। हाल के महीनों में दिल्ली-एनसीआर में कई हल्के झटके (2.5 से 4.0 मैग्नीट्यूड) आ चुके हैं, जो ऊर्जा रिलीज का संकेत हो सकते हैं।



