नई दिल्ली । 10 राज्यों की खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों को भरने के लिए चुनाव तारीख का ऐलान बुधवार कर दिया गया। 16 मार्च को इन सीटों के लिए वोटिंग होगी। इस साल 245 सदस्यीय राज्यसभा की 72 सीटों पर चुनाव होने है। पहले 37 और फिर बाकी खाली होने वाली सीटों पर वोटिंग होगी। खाली सीटों पर चुनाव के बाद बीजेपी की ताकत राज्यसभा में बढ़ेगी। इन सभी (72) सीटों पर चुनाव के बाद एनडीए की मौजूदा सीटें 40 से बढ़कर 50 पहुंच सकती है। वहीं इंडिया गठबंधन की सीटें 25 से घटकर दहाई के आंकड़े से नीचे पहुंचेगी। यह आंकड़ा 72 सीटों के हिसाब से है।अलग-अलग राज्यों में विधानसभा की सीटों की संख्या को देखकर बीजेपी को 37 से 38 सीटें मिलने की पूरी संभावना है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह अपने सहयोगियों के लिए कितनी सीटें छोड़ती है।
बात दें कि ये महाराष्ट्र से (सात सीट), ओडिशा (चार सीट), तेलंगाना (दो सीट), तमिलनाडु (छह सीट), छत्तीसगढ़ (दो सीट), पश्चिम बंगाल (पांच सीट), असम (तीन सीट), हरियाणा (दो सीट), हिमाचल प्रदेश (एक सीट) और बिहार (पांच सीट) राज्यसभा में खाली हो रही हैं। जिन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उसमें से प्रमुख रुप से शरद पवार (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार), अभिषेक सिंघवी (कांग्रेस), हरिवंश नारायण सिंह( जेडीयू,राज्यसभा उपसभापति) साकेत गोखले (तृणमूल कांग्रेस), रामदास अठावले (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले), एम थंबीदुरई (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम) और तिरुची शिवा (द्रविड़ मुनेत्र कषगम), प्रियंका चतुर्वेदी( शिवसेना उद्धव गुट) शामिल हैं।
उच्च सदन में ताकतवार होगी बीजेपी – इस साल खाली हो रही 72 सीटों पर चुनाव के बाद बीजेपी की स्थिति राज्यसभा में और मजबूत होगी। वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की स्थिति और अधिक कमजोर हो जाएगी। अलग-अलग राज्यों के अनुसार कांग्रेस और उसके सहयोगियों की दिक्कत बढ़ेगी। सभी सीटों पर चुनाव के बाद राज्यसभा का अंकगणित बहुत ज्यादा नहीं बदलेगा लेकिन बीजेपी ताकतवार बनेगी। अभी बीजेपी के राज्यसभा में 103 सांसद हैं और एनडीए के 126 सांसद हैं। बीजेपी के 30 सांसदों का कार्यकाल पूरा होगा और 32 सांसदों का आना बिल्कुल तय है। इसके साथ ही जोड़ तोड़ और दलों के समीकरण के हिसाब से बीजेपी 3 से 4 सीटें और अतिरिक्त जीत सकती है।
पिछले एक दशक में राज्यसभा में भाजपा सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2014 के बाद इसमें तेजी से इजाफा देखने को मिला है। 2014 में, उच्च सदन में पार्टी के केवल 55 सदस्य थे। 2017 में यह पहली बार 58 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी और 2020 तक इसकी संख्या बढ़कर रिकॉर्ड 92 सदस्यों तक पहुंच गई। 2022 में, बीजेपी ने पहली बार 100 सदस्यों का आंकड़ा पार किया और पिछले साल सांसदों की संख्या बढ़कर 103 हो गई, जो इसके इतिहास में सबसे अधिक है।
इस साल खाली हो रही सीटों पर चुनाव के बाद 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से राज्यसभा में कांग्रेस का कोई सदस्य नहीं होगा। इस साल राज्यसभा में कांग्रेस को कुछ सीटें गंवानी पड़ सकती हैं, लेकिन संभावना है कि वह नौ सीटें बरकरार रखेगी। कर्नाटक से तीन, तेलंगाना से दो, और राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से एक-एक सीट कांग्रेस के खाते में आ सकती है। राज्यसभा में इस साल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और शक्ति सिंह गोहिल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। एक अन्य नेता जो अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, उसमें वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी।



