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 बजट सत्र का हुआ आगाज: संसद में राष्ट्रपति ने सरकार की गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली। 18वीं लोकसभा के बजट सत्र का पहला चरण बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति ने सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। अभिभाषण के दौरान जैसे ही राष्ट्रपति ने वीबी– जी राम जी कानून का जिक्र किया, विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया और “कानून वापस लो” के नारे लगाए। हालांकि, कुछ देर बाद शोर-शराबा शांत हुआ और अभिभाषण जारी रहा। एनडीए सांसदों ने मेज थपथपाकर राष्ट्रपति के वक्तव्य का समर्थन किया।

बजट सत्र 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक चलना है, जो दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी और दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक रहेगा। इस दौरान कुल 30 बैठकें प्रस्तावित हैं। 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा।अभिभाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार व घोटालों से सख्ती से निपटने में सफल रही है। उन्होंने बताया कि 2014 में जहां सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ 25 करोड़ लोगों तक सीमित था, वहीं अब करीब 95 करोड़ भारतीय इन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

खेलों की प्रगति का उल्लेख – राष्ट्रपति मुर्मू ने अभिभाषण में खेलों के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया गया। राष्ट्रपति ने महिला क्रिकेट टीम और महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘खेलो भारत’ नीति के जरिए खेल संगठनों में पारदर्शिता लाई जा रही है और भारत ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी हासिल की है।

पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख को मिला लाभ – रोजगार और कौशल विकास पर बोलते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए 60 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि 10 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुद्रा योजना के तहत 38 लाख करोड़ रुपये का ऋण जारी हुआ है और पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को लाभ मिला है। देश में करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 40 प्रतिशत में महिला निदेशक हैं।

लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ पहुंची – महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश में लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच गई है। ‘स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार’ अभियान के तहत 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में हालात सुधरे हैं और सरेंडर के चलते लाखों लोगों को सुरक्षा मिली है। अंत में राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 10–11 वर्षों में भारत की नींव मजबूत हुई है और 2026 के साथ देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने इसे विकसित भारत की यात्रा का मजबूत आधार बताया।

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