HomeNationalसावधान! रेल टिकट बुकिंग में शॉर्टकट पड़ेगा भारी

सावधान! रेल टिकट बुकिंग में शॉर्टकट पड़ेगा भारी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट या ऐप पर टिकट बुक करते समय स्मार्ट ट्रिक्स या शॉर्टकट अपनाना रेल यात्रियों को भारी पड़ सकता है। रेलवे ने एक नया एआई प्रीडेटर सिस्टम लागू किया है, जो बुकिंग के दौरान उपभोक्ता की गतिविधियों और टाइपिंग की गति के आधार पर यह पहचान लेगा कि टिकट किसी इंसान द्वारा बुक किया जा रहा है या किसी अवैध सॉफ्टवेयर के माध्यम से। इस नई तकनीक का मुख्य उद्देश्य उन दलालों और अवैध ऑपरेटरों पर नकेल कसना है जो अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर की मदद से आम जनता से पहले कन्फर्म टिकट हथिया लेते हैं। रेलवे का अनुमान है कि इस सख्ती के बाद आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 40 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी।

रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एआई आधारित यह नया एल्गोरिदम उपभोक्ता की टाइपिंग गति को बारीकी से मापता है। यदि कोई यात्री पांच लोगों का विवरण (नाम, उम्र, लिंग आदि) 4.2 सेकेंड से भी कम समय में भर देता है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध मानकर रेड फ्लैग कर देगा। ऐसे में जो लोग विवरण भरने के लिए कट-पेस्ट तकनीक का इस्तेमाल करते हैं या रात के समय थोक में नाम जोड़ने और हटाने का काम करते हैं, उनकी यूजर आईडी ब्लॉक की जा सकती है। इसके अलावा, लॉगिन और लॉगआउट की आवृत्ति पर भी सख्त नजर रखी जा रही है। यदि कोई उपभोक्ता एक ही आईडी से आधे घंटे के भीतर पांच बार से अधिक लॉगिन या लॉगआउट करता है, तो उस अकाउंट को सुरक्षा कारणों से 24 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। रेलवे ने आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की भौगोलिक स्थिति एक ही क्षेत्र में होने की शर्त भी रखी है; अन्यथा ट्रांजैक्शन बीच में ही रुक सकता है।

हाल ही में इस प्रणाली के तहत लगभग 2.8 लाख संदिग्ध अकाउंट ब्लॉक किए जा चुके हैं।एक ओर जहां टिकट बुकिंग में सख्ती बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी ओर अनारक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने डिजिटल प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर अब 3 प्रतिशत की बोनस छूट दी जा रही है। पहले यह लाभ केवल आर-वॉलेट से भुगतान करने पर मिलता था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है। ट्रायल आधार पर 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहने वाली इस योजना के तहत यात्री अब यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग जैसे किसी भी डिजिटल माध्यम से भुगतान कर इस कैशबैक का लाभ उठा सकते हैं। यह पहल न केवल कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देगी, बल्कि दैनिक यात्रियों और उपनगरीय क्षेत्र के लोगों को सीधी आर्थिक राहत भी प्रदान करेगी।

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