मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल उनसे ईर्ष्या करते हैं क्योंकि वे यह पचा नहीं पा रहे कि एक साधारण परिवार से संबंधित व्यक्ति राज्य को प्रभावी ढंग से चला रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों के जन-विरोधी और पंजाब-विरोधी रुख के कारण राज्य के लोगों का उन पर से विश्वास उठ गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोग पंजाब को बर्बाद करने या श्री हरमंदिर साहिब पर टैंकों-तोपों से हमला करने वाली इन पार्टियों को कभी माफ नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को केवल लेना और लूटना आता है और ये नेता लोगों को उनका ही पैसा देना तो दूर, बल्कि अपने लिए अवैध तरीकों से धन इकट्ठा करने से भी नहीं हिचकते। उन्होंने कहा कि क्या पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने डबवाली ट्रांसपोर्ट या सुख विलास के अपने कारोबार के बजाय ‘गोलकों’ का पैसा लोगों को बांटा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोग उनके दोहरे चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और उनके द्वारा बांटे जा रहे नोटों को भी अच्छी तरह पहचानते हैं।
सुखबीर के किसान होने के दावे पर कटाक्ष करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता को यह रहस्य सबको खुलकर बताना चाहिए कि खेती करके इतना बड़ा ट्रांसपोर्ट कारोबार और होटल कैसे बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि अकालियों ने राज्य की संपत्ति को जमकर लूटा है, जिससे उन्होंने अपने ये बड़े कारोबार स्थापित किए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके अलावा इन लोगों ने राज्य में नशीली दवाओं का व्यापार शुरू किया और इसे संरक्षण दिया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर पीढ़ियों का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार नशीली दवाओं के अभिशाप के माध्यम से युवाओं की हत्या के दोषी ‘जरनैलों’ के प्रति कोई नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं के व्यापार को संरक्षण देने वाले नेताओं को पहले ही सलाखों के पीछे डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि ये नेता न केवल पूरे राज्य में नशीली दवाओं के व्यापार को संरक्षण देते रहे हैं, बल्कि यह धारणा भी है कि वे अपनी सरकारी गाड़ियों में भी नशीले पदार्थ बेचते/आपूर्ति करते रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले किसी ने भी इन रसूखदार नेताओं को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं की, लेकिन अब उनकी सरकार ने ऐसा करके दिखाया है और उन्हें अपने पापों की कीमत चुकानी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि जब एक बड़े अकाली नेता को गिरफ्तार किया गया, तो इन पारंपरिक राजनीतिक दलों के बीच गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ, क्योंकि इस मामले में उन्होंने जोर-शोर से मानवाधिकारों के उल्लंघन का शोर मचाया और उक्त आरोपी के लिए विशेष सेल और सुविधाओं की मांग की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से कई बड़े नेता निकले हैं, लेकिन उन्हें इस क्षेत्र के विकास की कभी चिंता नहीं रही और उनका कभी भी ऐसे प्रोजेक्ट्स के प्रति इरादा नहीं था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके विपरीत उनकी सरकार आम आदमी की भलाई के लिए हर फैसला ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में 19,000 किलोमीटर से अधिक संपर्क सड़कों का निर्माण शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को सुविधा प्रदान करना है, क्योंकि ये संपर्क सड़कें लोगों तक सामान और सेवाओं की आवाजाही में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि ये संपर्क सड़कें राज्य में आर्थिक विकास की रीढ़ हैं, क्योंकि ये एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन में मदद करती हैं और दूसरी ओर व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देती हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूरे राज्य में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप इन और अन्य सरकारी स्कूलों के 265 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह 44 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास की है और 848 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा के लिए क्वालिफाई किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और यह संख्या जल्द ही 1,000 को पार कर जाएगी, और अब तक इन क्लीनिकों में 1.75 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान की गई हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पिछली सरकारों के दौरान ऐसे आयोजन कभी नहीं होते थे, क्योंकि पारंपरिक पार्टियां लोगों को हमेशा अंधेरे में रखना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 55,000 से अधिक योग्य युवाओं को पूरी तरह मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही स्कूली विद्यार्थियों को भी रोजमर्रा की परेशानियों से राहत मिलेगी, क्योंकि वे अब समय पर अपने स्कूलों तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोग कई वर्षों से इस आर.ओ.बी. की मांग कर रहे थे और इस पुल के निर्माण से न केवल बठिंडा और आसपास के जिलों के निवासियों को लाभ होगा, बल्कि अन्य जिलों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पुल रामपुरा शहर के दो हिस्सों को पटियाला मंडी और नाभा मंडी से जोड़कर आर्थिक प्रगति के नए युग की शुरुआत करेगा।



