बेंगलुरु । केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गैस टरबाइन अनुसंधान प्रतिष्ठान (जीटीआरई) को विश्व के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक बताकर वैज्ञानिकों से दशकों से चल रहे एयरो इंजन विकास कार्य को अगले पांच वर्षों में पूरा करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में तेजी से महारत हासिल करने पर निर्भर करती है। रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अधीन कार्यरत यह प्रतिष्ठान भारत की रणनीतिक क्षमता का आधार बना है। उन्होंने इसके वैज्ञानिकों को लगातार सफल परीक्षण करने और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने का श्रेय दिया।
केंद्रीय मंत्री राजनाथ ने कहा कि डीआरडीओ का वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिन-प्रतिदिन भारत की रणनीतिक शक्ति को मजबूत बना है। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ प्रतिदिन एक के बाद एक सफल परीक्षण कर रहा है। हमें प्रतिदिन डीआरडीओ की उपलब्धियों के बारे में सुनने को मिल रहा है। एक परीक्षण की चर्चा समाप्त होते ही दूसरी उपलब्धि की खबर आ जाती है। दूसरे शब्दों में, डीआरडीओ आज भारत की रणनीतिक क्षमता का आधार बन गया है। एयरो इंजन में स्वदेशी क्षमता की आवश्यकता पर जोर देकर मंत्री सिंह ने कहा कि जहां एक इंजन विकसित करने में आमतौर पर 20-25 साल लगते हैं, वहीं भारत को अब पांच साल में वह हासिल करना होगा जिसे अन्य देशों को हासिल करने में दशकों लगा दिए हैं।



