नई दिल्ली। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा, दुनियाभर के कई देशों से करीब आधा दर्जन जहाज गैस लेकर भारत पहुंचे है। कहीं कोई कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि फारस की खाड़ी में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। बीते 24 घंटे में इनसे जुड़ी किसी नकारात्मक घटना की कोई सूचना नहीं मिली है। 14 मार्च को मैंने बताया था कि होर्मुज के पश्चिम में फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज थे। जिनमें से 2 एलपीजी लिए हुए जहाज शिवालिक और नंदादेवी हैं। इन्होंने आज तड़के होर्मुज की खाड़ी पार कर ली है और अब ये भारत की तरफ बढ़ रहे हैं। दोनों जहाजों में कुल करीब 92 हजार 700 मीट्रिक टन एलपीजी है। इनका आगमन बंदरगाह मुंद्रा और कांडला होगा।
अगले सप्ताह 16 और 17 मार्च को ये दोनों देश पहुंचेंगे। जिसके बाद अब फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले जहाजों की संख्या 22 रह जाती है, जिनमें 611 नाविक सवार हैं। मंत्रालय व शिपिंग महानिदेशक इन सभी जहाजों और नाविकों की स्थिति की बेहद करीब से निगरानी कर रहे हैं। जहाज के मालिकों, अन्य एजेंसियों और भारतीय मिशन के साथ मिलकर हम काम कर रहे हैं। डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम (डीजी कॉम) में बीते 24 घंटे में 312 कॉल, 407 ईमेल प्राप्त हुई हैं। जो कि नाविकों और उनके परिवारों के द्वारा या समुद्री क्षेत्र के भागीदारों द्वारा की गई हैं। इन सभी के जवाब दिए गए हैं। इस प्रकार से बीते 15 दिनों में करीब ढाई हजार से ज्यादा फोन कॉल और करीब 5 हजार ईमेल प्राप्त हुए हैं। इनका जवाब दिया गया है।
सिन्हा ने कहा, बीते 24 घंटे में 30 भारतीय नाविकों को खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों, हवाई अड्डों से सफलतापूर्वक देश वापस लाया गया है। जिसके बाद अब तक भारत आए लोगों की संख्या 253 हो गई है। समुद्री व्यापार पर कम से कम प्रभाव पड़ने के मामले पर सरकार बंदरगाहों, शिपिंग लाइंस और लॉजिस्टिक स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम कर रही है। बंदरगाहों को ये निर्देश दिया गया है कि शिपिंग लाइंस और कार्गो मालिकों को राहत दी जाए। जिसमें बर्थ हायर, लंगर डालने और स्टोरेज के चार्जेज में रियायत शामिल है। कुछ मामलों में लीज का एक्सटेंशन भी दिया गया है। ताकि अगर कोई एक्सपोर्ट कार्गो रिटर्न या कैंसिल होता है तो उनको भी समायोजित किया जा सके। जैसे कामराजार पोर्ट लिमिटेड, वहां पर 25 हजार मीट्रिक टन कार्गो में ये व्यवस्था लागू हुई है। बाकी पोर्ट पर भी ऐसी व्यवस्था चल रही है।
एलपीजी कैरियर्स को प्राथमिकता के आधार पर सभी बंदरगाहों पर लंगर डालने का निर्देश दिया गया है। जिससे निर्बाध गति से ऊर्जा की सप्लाई बरकरार रखी जा सके। बीते 3 दिनों में 6 जहाज एलपीजी के थे। जो दुनिया के विभिन्न देशों से आए थे। उनको बड़े बंदरगाहों पर प्राथमिकता के तहत लंगर डालने की अनुमति प्रदान की गई है। बंदरगाहों पर माल से लदे हुए जहाजों को भी सुरक्षित लंगर डालने दिया जा रहा है। ये वो जहाज हैं, जो खाड़ी संकट की वजह से फिलहाल आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अपने तमाम मिशन के साथ निकट संपर्क और समन्वय के जरिए उभरते हुए हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। जिसमें शिपिंग कंपनियां और बाकी समुद्री भागीदार भी शामिल हैं। ताकि इससे सभी भागीदारों को सुरक्षा, कल्याण और समयबद्ध रूप से सहायता प्रदान की जा सके।



