नई दिल्ली । देश में मॉनसून जमकर बरस रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। हालांकि पहाड़ों पर बादल फटने से कई हादसे भी हुए हैं। अब तक औसत से 4% ज्यादा बारिश हुई है। हालांकि मॉनसून के पैटर्न में इस सीजन कुछ बदलाव देखे गए हैं। कई राज्यों में तीव्र मॉनसून के फेस रिकॉर्ड किए गए। जम्मू, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बिहार और उत्तर पूर्व भारत के राज्यों में मॉनसून की बारिश इस साल औसत से कम हुई है, जबकि देश के अधिकतर सब-डिवीजन में मॉनसून की बारिश औसत से ज्यादा हुई है। मौसम विभाग ने कहा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में अगले 48 घंटों के भीतर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
इसका असर सबसे ज़्यादा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उड़ीसा में रहेगा और आंशिक रूप से बंगाल तट पर भी असर होगा। मछुआरों को गहरे समुद्र में जाने से मना किया है। साथ ही उड़ीसा की दिशा में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने बंगाल की अपडेट पर कहा, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों जैसे कुछ इलाकों में बिखरी हुई जगहों पर हल्की से भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण बंगाल में अभी भारी बारिश की संभावना नहीं है। लेकिन राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। धूप और बादलों का खेल चलता रहेगा। एक-दो बौछार गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। बारिश न होने पर उमस से लोग परेशान रहेंगे।
वहीं, अगर हिमाचल प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में मॉनसून से तबाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। कांगड़ा, ऊना, चंबा में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। पिछले 48 घण्टे से लगातार बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ जैसे हालत बने हुए हैं और भूस्खलन के कारण 3 एनएच सहित 625 सड़कें यातायात के लिए ठप्प हैं। आठ जिलों के शिक्षण संस्थानों को भारी बारिश के चलते बंद रखा गया है। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय है। इसके चलते बिलासपुर, चंबा, मंडी, सोलन और हमीरपुर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। 25 अगस्त से 31 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
25 अगस्त के दिन चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए रेड अलर्ट, बिलासपुर और कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट, जबकि शिमला के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 26 अगस्त को चंबा और कांगड़ा के लिए रेड अलर्ट, मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट और बिलासपुर व हमीरपुर सहित अन्य जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी है। बीते 24 घंटों में पूरे प्रदेश में 625 सड़कें बंद हो गईं, 1533 ट्रांसफार्मर ठप हो गए और 168 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं। इससे जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक मॉनसून सीजन (20 जून से 24 अगस्त) में 303 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 360 लोग घायल हुए हैं और 1212 घर पूरी तरह से ढह गए हैं।



