नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री, अमित शाह ने आज नई दिल्ली में साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और इसके ईकोसिस्टम को ध्वस्त करने के विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। गृह मंत्री ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अधिकारियों को अलंकरण प्रदान किए और ब्यूरो की नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन किया। अमित शाह ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र ( I4C) के राज्य अपराध समन्वय केन्द्र (S4C) डैशबोर्ड का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षरण विभाग की सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, CBI निदेशक, सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
अपने मुख्य भाषण में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के लिए सीबीआई और I4C को बधाई देते हुए कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम के लिए सरकार की अनेक एजेंसियाँ एक साथ मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि I4C, राज्य पुलिस, सीबीआई, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), प्रवर्तन निदेशालय(ED), दूरसंचार विभाग, बैंकिंग विभाग, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और न्यायपालिका मिलकर साइबर अपराध की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों में हर संस्था की महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी है और इच्छित परिणाम प्राप्त करने के लिए इन सबके बीच बेहतर तालमेल बहुत जरूरी है।
शाह ने कहा कि इस दिशा में सीबीआई और I4C का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रयास सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को एक-दूसरे के साथ जोड़ने में और उनके कार्यों को प्रभावी तरीके से लागू करने में सहायक सिद्ध होगा, जिससे हमें अपेक्षित सफलता प्राप्त हो सकेगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में डिजिटल इंडिया की यात्रा अद्भुत रही है। उन्होंने कहा कि 11 साल पहले केवल 25 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता थे और आज हम 100 करोड़ से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ इस क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू चुके हैं। ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में भी लगभग 16 गुना की वृद्धि हुई है और अब यह संख्या भी 100 करोड़ के पार पहुँच गई है। श्री शाह ने कहा कि एक गीगाबाइट डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की कमी आई है, जिसके कारण इंटरनेट कनेक्शन के साथ-साथ उसका उपयोग भी व्यापक रूप से बढ़ा है।



