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हंगामे की भेंट चढ़ गया मानसून सत्र: लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गई, जिसके साथ ही संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया। अंतिम दिन भी कई बार कार्यवाही स्थगित हुई और विपक्षी दलों ने बिहार एसआईआर और कथित वोट चोरी के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान दोनों सदनों में हंगामा कम देखने को मिला।लोकसभा की बैठक गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की गई। जिसमें 12 विधेयकों को बिना चर्चा के या संक्षिप्त चर्चा के साथ पास किया गया।

लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र में कार्यवाही में गतिरोध बनने पर विपक्षी दलों के प्रति निराशा जताकर कहा कि नियोजित तरीके से सदन के कामकाज में व्यवधान पैदा किया गया जो लोकतंत्र और संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं है। 18वीं लोकसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत 21 जुलाई को हुई थी जिसमें 14 सरकारी विधेयक पेश किए और 12 विधेयक पारित किए गए। इसमें अनुसूचित जनजातियों के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्समायोजन से संबंधित गोवा विधेयक 2025, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2025, मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर विनियोग (संख्या 2) विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय एंटी-डोपिंग (संशोधन) विधेयक 2025शामिल हैं।

इसके अलावा आयकर विधेयक 2025, कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025, खनिज और खनिज विकास (विनियमन और संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक 2025 और ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025भी हंगामे के बीच लोकसभा में पारित हुए। लोकसभा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार किए जाने और लगातार 30 दिन तक हिरासत में रहने पर पद से हटाने के प्रावधान वाले ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025’ को संसद की संयुक्त समिति को भेजने का निर्णय लिया। सदन में 28 और 29 जुलाई को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा बिना किसी व्यवधान के पूरी हुई, इसका जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिया।

वहीं राज्यसभा का 268वां सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया और सत्र के दौरान बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण गतिरोध बना रहा, वहीं हंगामे के बीच कई महत्वपूर्ण विधेयकों को संक्षिप्त चर्चा के बाद पास किया गया। सत्र के दौरान मात्र 38 प्रतिशत ही कामकाज हुआ। उपसभापति हरिवंश ने सत्र के अंत में अपनी टिप्पणी में कहा कि हंगामे के कारण सदन में केवल 41 घंटे 15 मिनट कामकाज हो पाया और सदन का कामकाज केवल 38.88 प्रतिशत रहा जो बहुत निराशाजनक है। सत्र के पहले ही दिन निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने देर शाम स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया था, जिसे बाद में स्वीकार किया गया।संसद ने गुरुवार को ऑनलाइन गेमिंग को विनियमित करने एवं शैक्षणिक और सामाजिक ऑनलाइन खेलों को बढ़ावा देने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि समाज में एक बहुत बड़ी बुराई आ रही है जिससे बचने के लिए इस विधेयक को लाया गया है।

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