नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की व्यापार समझौतों पर वार्ता का दृष्टिकोण पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों और घरेलू उद्योग की प्राथमिकताओं से निर्देशित होगा। एक मीडिया कार्यक्रम में गोयल ने स्पष्ट किया कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) करते समय भारत अब एक संतुलित और पारदर्शी नीति अपना रहा है। उन्होंने कहा कि जब हम व्यापार समझौते करते हैं, तो हमें देश के हितों की रक्षा करनी होती है। हम अब पूर्व-समझौते पर आधारित बातचीत करते हैं, जैसे आप हमारी संवेदनशीलता का सम्मान करें, वैसे ही हम आपकी करेंगे।
मंत्री ने बताया कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ बातचीत जारी है और तीन-चार अन्य देशों के साथ भी व्यापार समझौतों पर बातचीत को गति दी जा रही है। गोयल के अनुसार ईयू के भी कुछ संवेदनशील क्षेत्र हैं जिनका भारत सम्मान करता है, जिससे समझौते की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने आसियान मुक्त व्यापार समझौते को लेकर घरेलू उद्योग की चिंताओं को जायज ठहराया। मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने इस पर सही तरीके से बातचीत नहीं की, जिससे उद्योग को नुकसान हुआ। अब इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है। गोयल ने यह भी कहा कि भारत श्रम-प्रधान उद्योगों को समर्थन देगा और व्यापार को संतुलित तरीके से आगे बढ़ाएगा।



