नई दिल्ली। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद नमी में बढ़ोतरी और आसमान से बादलों के छंटने के साथ उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी के चलते मैदानों का पारा तेज़ी से गिरा है और कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर में चल रही तेज़ हवाओं ने प्रदूषण से राहत तो दी है, लेकिन इसी के साथ सर्दी का असर और अधिक कड़ा हो गया है। जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा आधार शिविर सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान शून्य से 4.3 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी ठंड का असर साफ दिखा, जहां न्यूनतम तापमान तीन से सात डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का कहना है कि सोमवार और मंगलवार को मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर चलने की बहुत अधिक संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार-सोमवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान भी 24.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा कम था। सुबह आद्र्रता 92 प्रतिशत तक रही। मौसम विभाग ने सोमवार को दिल्ली में 10 डिग्री न्यूनतम और 25 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ हल्की धुंध की संभावना जताई है। कश्मीर में भी ठंड बढ़ती जा रही है।
हालांकि रात का तापमान कुछ स्थानों पर बीते दिन की तुलना में थोड़ा ऊपर गया है, लेकिन अधिकांश इलाकों में पारा हिमांक से नीचे ही है। दक्षिण कश्मीर का पहलगाम रिसॉर्ट—जो अमरनाथ यात्रा का आधार शिविर भी है—शून्य से 4.3 डिग्री नीचे रिकॉर्ड किया गया। श्रीनगर में तापमान शून्य से 0.9 डिग्री कम रहा। काजीगुंड, कुपवाड़ा और कोकरनाग में भी पारा हिमांक से नीचे दर्ज किया गया। पंजाब और हरियाणा में रविवार को भी कड़ाके की ठंड बनी रही। पंजाब के फरीदकोट में 4.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे कम तापमान दर्ज हुआ, जबकि हरियाणा में नारनौल 4.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा।
चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। मौसम विभाग का कहना है कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले कुछ दिनों में बादल छा सकते हैं, जिससे न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है और शीतलहर से हल्की राहत मिलने की संभावना है।इधर झारखंड के आठ जिलों—बोकारो, देवघर, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लोहरदगा और रांची—में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भी इस सर्दी पहली बार पारा 10 डिग्री से नीचे गया और बीरभूम के श्रीनिकेतन में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दार्जिलिंग 6.2 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा पहाड़ी शहर रहा। आईएमडी का पूर्वानुमान है कि पश्चिम भारत में अगले तीन से चार दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री तक और गिर सकता है, जिसके बाद मौसम स्थिर होने की संभावना है।



