नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये कदम देश के स्वास्थ्य, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचा और अनुसंधान क्षेत्र को नई ताकत देंगे। कैबिनेट ने केंद्रीय सहायता प्राप्त योजना के तीसरे चरण के तहत पोस्ट ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाने को मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे भारत का स्वास्थ्य ढांचा मजबूत होगा और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। तीसरे चरण के तहत 5,000 पीजी और 5,023 एमबीबीएस सीटों के विस्तार के लिए प्रति सीट 1.50 करोड़ रुपये की अधिकतम लागत तय की गई है। यह कदम देश के हर हिस्से में प्रशिक्षित डॉक्टर उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री ने भारत के शिपबिल्डिंग और समुद्री क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए कैबिनेट द्वारा अनुमोदित 69,725 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की भी सराहना की। इस योजना के तहत चार स्तंभों वाली रणनीति अपनाई जाएगी, जिसमें घरेलू क्षमता बढ़ाना, दीर्घकालिक वित्तपोषण सुधारना, ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड शिपयार्ड का विकास, तकनीकी क्षमता और कौशल विकास, तथा कानूनी और नीतिगत सुधार शामिल हैं। शिपबिल्डिंग वित्तीय सहायता योजना को 31 मार्च 2036 तक बढ़ाया गया है, जिसमें 24,736 करोड़ रुपये का कुल कोष शामिल है। शिपब्रेकिंग क्रेडिट नोट के लिए 4,001 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और राष्ट्रीय शिपबिल्डिंग मिशन स्थापित किया जाएगा।
बिहार में रेल और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया रेलवे लाइन सेक्शन की डबलिंग से स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों को लाभ होगा। इस 104 किमी लंबी परियोजना की अनुमानित लागत 2,192 करोड़ रुपये है और यह राज्य के चार जिलों को जोड़ती है। इसके अलावा, 4-लेन साहिबगंज-अरेराज-बेतिया सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कदम रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ाएगा और कृषि क्षेत्र को नई ताकत देगा। इस सड़क परियोजना की कुल लंबाई 78.942 किमी और अनुमानित लागत 3,822.31 करोड़ रुपये है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अनुसंधान और विकास क्षेत्र में भी सरकार की पहल को सराहा।



