Health News : योग शरीर के अंदर जमा गंदगी को बाहर निकालता है और शरीर को संतुलित करता है। जब शरीर भीतर से स्वस्थ और साफ होता है, तो उसका असर त्वचा पर भी साफ झलकता है। हैल्थ विशेषज्ञों का मानना है कि त्वचा को हेल्दी बनाने के लिए सबसे प्रभावी उपाय प्राणायाम है। नियमित प्राणायाम से दिमाग शांत होता है और तनाव घटता है। तनाव आज के समय में मुंहासों का बड़ा कारण है, क्योंकि तनाव के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो पिंपल्स को जन्म देते हैं।
प्राणायाम से न केवल मन शांत रहता है, बल्कि यह त्वचा की गहराई तक सफाई करता है और चेहरे की चमक बनाए रखने में मदद करता है। योगासन की बात करें तो मत्स्यासन मुंहासों को कम करने में लाभकारी है। इस आसन में शरीर को पीछे झुका कर छाती को ऊपर उठाया जाता है, जिससे हृदय और फेफड़े खुलते हैं और गहरी सांस लेना आसान होता है। इससे चेहरे की कोशिकाओं को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है, जो त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है। सर्वांगासन भी पिंपल्स से राहत दिलाने में सहायक है। इसे करते समय शरीर को उल्टा किया जाता है, जिससे रक्त प्रवाह चेहरे की ओर बढ़ता है। इससे त्वचा को पोषण और ऑक्सीजन की आपूर्ति अधिक मात्रा में होती है।
परिणाम स्वरूप डेड स्किन सेल्स हटते हैं और नए सेल्स का निर्माण होता है, जिससे त्वचा साफ होती है और मुंहासे घटने लगते हैं। भुजंगासन को भी इस समस्या का समाधान माना जाता है। इस आसन में पेट के बल लेटकर छाती को ऊपर उठाया जाता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। पाचन प्रक्रिया सही रहने पर शरीर में टॉक्सिन्स इकट्ठा नहीं होते और चेहरे पर पिंपल्स की संभावना काफी कम हो जाती है। आयुर्वेद और योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि युवा रोजाना 15 से 20 मिनट प्राणायाम और सरल योगासन का अभ्यास करें, तो न केवल मुंहासों से छुटकारा पाया जा सकता है बल्कि त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और ग्लोइंग बनाए रखा जा सकता है।



