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पंजाब का एआई-आधारित स्ट्रोक प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्वास्थ्य देखभाल मॉडल के रूप में उभरा

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता के अनुरूप सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब का एआई-आधारित स्ट्रोक प्रोजेक्ट पंजाब को जीवन-रक्षक चिकित्सीय देखभाल के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए आई) के उपयोग में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में सफल रहा है। यह महत्वपूर्ण हब-एंड-स्पोक मॉडल, जिसे पंजाब सरकार, सी एम सी लुधियाना, क्योर.ए आई और मेड्रोनिक  के सहयोग से लागू किया गया, सकारात्मक परिणाम दे रहा है और आपातकालीन उपचार के लिए एक नया राष्ट्रीय मानक स्थापित कर रहा है।

इस प्रोजेक्ट की उपलब्धियों की सराहना करते हुए पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने  बताया कि लागू होने के कुछ महीनों में ही इस नवोन्मेषी नेटवर्क ने 700 से अधिक संदिग्ध स्ट्रोक मरीजों का परीक्षण किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रणाली ने छह मरीजों को मशीनी थ्रोम्बेक्टॉमी जैसी जटिल, मस्तिष्क में रक्त के थक्के हटाने वाली प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त प्रदान की। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हम न केवल जान बचा रहे हैं बल्कि गंभीर विकलांगता के मामलों की रोकथाम भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार मरीजों को मशीनी थ्रोम्बेक्टॉमी सुविधा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध करा रही है, जिसकी लागत निजी अस्पतालों में लगभग 5 से 6 लाख रुपए होती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय कठिनाइयाँ मरीज की रिकवरी और नई जिंदगी पाने के रास्ते में बाधा न बनें।

इस प्रोजेक्ट के तहत स्पोक सेंटर – होशियारपुर, लुधियाना, संगरूर और सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला के जिला अस्पताल – में आने वाले संदिग्ध स्ट्रोक मरीजों का तत्काल सी टी स्कैन किया जाता है। इसके बाद स्कैन का विश्लेषण क्योर.ए आई की आधुनिक एआई तकनीक द्वारा मिनटों में किया जाता है, और परिणाम तुरंत सेंट्रल हब, सी एम सी लुधियाना में विशेषज्ञ न्यूरोलॉजिस्ट टीम के साथ साझा किए जाते हैं।डॉ. जैराज पांडियन, डॉ. ईवी सेबेस्टियन और डॉ. राजेश्वर सहोता की अगुवाई में यह विशेषज्ञ टीम स्पोक सेंटर पर डॉक्टरों को रीयल-टाइम गाइडेंस और आवश्यक जानकारी प्रदान करती है। जिन मरीजों को तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है, उन्हें जीवन-रक्षक सेवाएँ देने के लिए तुरंत और सुचारू ढंग से सी एम सी लुधियाना स्थानांतरित किया जाता है।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के प्रारंभिक परिणाम बहुत उत्साहजनक हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह एक क्रांतिकारी मॉडल है जो नागरिकों को उनकी आवश्यकता के समय तुरंत गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार इस सफल पहल का विस्तार पूरे राज्य में करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, ताकि सभी के लिए विश्व स्तरीय स्ट्रोक केयर सेवाएँ सुनिश्चित की जा सकें।

 मशीनी थ्रोम्बेक्टॉमी क्या है? – मशीनी थ्रोम्बेक्टॉमी एक न्यूनतम आक्रामक और कम दर्द वाली जीवन-रक्षक प्रक्रिया है, जिसका उपयोग गंभीर इस्कीमिक स्ट्रोक के दौरान मस्तिष्क की धमनियों से रक्त के थक्के को हटाने के लिए किया जाता है। यह एक जटिल प्रक्रिया है, जिसे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बहाल करने के लिए निश्चित समय सीमा में करना आवश्यक है, जिससे मृत्यु और दीर्घकालिक विकलांगता का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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