मेहसाणा – हिन्दू धर्म में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना गया है, लेकिन इसी परंपरा को कलंकित करने वाला एक सनसनीखेज मामला महेसाणा पुलिस ने उजागर किया है। यहां एक लुटेरी दुल्हन ने शादी का झांसा देकर एक नहीं बल्कि 15 युवकों को ठगी के जाल में फंसाकर 52 लाख रुपये लूट लिए। जांच में सामने आया है कि युवती अकेली नहीं थी, बल्कि पूरी गैंग के साथ मिलकर यह गोरखधंधा चला रही थी।
पुलिस ने लुटेरी दुल्हन समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। युवती पर आरोप है कि वह शादी के बाद रुपये और गहने लेकर फरार हो जाती थी, और जब पीड़ित युवक पैसे वापसी की मांग करते थे तो युवती दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने की धमकी देती थी। 12 अगस्त 2024 को एक युवक ने अहमदाबाद की ‘चांदनी रमेश राठौड़’ से विवाह किया था। शादी से पहले और शादी के दौरान आरोपियों ने पीड़ित से 5 लाख रुपये, सोने-चांदी के गहने, कपड़े और मोबाइल फोन ले लिए थे।
शादी के चार दिन बाद ही चांदनी का कथित जीजा राजू ठक्कर आदीवाड़ा गांव आया और चांदनी के पिता बीमार होने का बहाना बनाकर उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद चांदनी वापस नहीं लौटी और उसका मोबाइल भी बंद हो गया। इससे युवक को शक हुआ। जांच में पता चला कि चांदनी राठौड़ और राजू ठक्कर असल में दलाल थे। चांदनी की मां सविता और रश्मिका नाम की एक महिला भी इस कांड में शामिल थीं। चारों ने मिलकर युवक से ठगी की थी।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह सिर्फ एक युवक के साथ ही नहीं, बल्कि युवती ने कुल 15 युवकों से शादी कर उनसे लाखों रुपये ऐंठे। हर बार फर्जी नाम और फर्जी आधार कार्ड व स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट बनाकर ठगी की जाती थी।
पैसे मिलते ही दुल्हन गायब हो जाती थी। अनुमान है कि इस गैंग ने कुल मिलाकर लगभग 52 लाख रुपये और भारी मात्रा में गहने लूटे हैं। चारों आरोपी फिलहाल पांच दिन की पुलिस रिमांड पर हैं।यह गैंग वाव-थराद, साबरकांठा, पाटण, अहमदाबाद, राजकोट, गीर-सोमनाथ, खेड़ा, महेसाणा, मोरबी, गांधी नगर सहित कई जिलों में दूल्हा खोजने वालों को अपना निशाना बनाती थी। घटना उजागर होते ही कई अन्य पीड़ित भी सामने आए हैं, जिन्होंने इसी गैंग द्वारा शादी के नाम पर लूटे जाने की शिकायतें दर्ज करवाई हैं।



