नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बार-बार झूठ बोलकर किसानों को गुमराह करने में जुटे हैं और भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर जनता में भ्रम पैदा कर रहे हैं। कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता किसानों, मछुआरों, कारीगरों, स्टार्टअप्स और लघु एवं मध्यम उद्यमों के अधिकारों की रक्षा करता है।केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते में देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
हमारे लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप्स, किसानों, कारीगरों और मछुआरों के अधिकारों की रक्षा की गई है।कृषि मंत्री ने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का बचाव कर कहा कि विनियमित लागत और सीमित मात्रा के कारण आयात प्रक्रियाएं किसानों के हितों को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सेब की बात कर रहे हैं। हम 55 लाख मीट्रिक टन सेब आयात करते हैं, और किस आधार पर? न्यूनतम आयात मूल्य 80 रुपये प्रति किलो है, और 25 रुपये प्रति किलो अतिरिक्त शुल्क लगता है, यानी लैंडिंग लागत 105 रुपये है। तब इससे किसानों को कैसे नुकसान हो रहा है?
वहीं कृषि मंत्री शिवराज ने कहा कि अखरोट के मामले में भी लगातार गुमराह करने के प्रयास हो रहे हैं। भारत पहले से ही 60,000 मीट्रिक टन अखरोट आयात करता है। केवल 13,000 मीट्रिक टन का सीमित कोटा ही आवंटित किया है।
उन्होंने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार कर यह दावा कि कांग्रेस सरकार के दौरान आयात के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए गए थे, गलत है। कांग्रेस शासनकाल में भी 20 अरब डॉलर मूल्य की कृषि उपज आयात की जाती थी। डेयरी उत्पाद भी आयात किए जाते थे। देश को जिस चीज की जरूरत होती है, वह आयात की जाती है।



