नई दिल्ली । असम में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय असम दौरे के दौरान शुक्रवार को धेमाजी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के लंबे शासनकाल में असम के सात जिलों की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) पूरी तरह बदल गई और राज्य में बड़े पैमाने पर घुसपैठ हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां दावा किया कि कांग्रेस के 20 वर्षों से अधिक के शासन के दौरान असम के सात जिलों में घुसपैठियों की संख्या बढ़कर करीब 64 लाख तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि इस अवैध घुसपैठ के कारण इन इलाकों की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना पर गंभीर असर पड़ा है और स्थानीय समुदायों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। गृह मंत्री शाह के अनुसार, कांग्रेस सरकार के समय न तो सीमाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया और न ही घुसपैठ रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए।गृह मंत्री शाह ने जिन सात जिलों का विशेष रूप से उल्लेख किया, उनमें धुबरी, बरपेटा, दर्रांग, मोरीगांव, बोंगाईगांव, नगांव और गोलपारा शामिल हैं। शाह ने आरोप लगाया कि इन जिलों में घुसपैठिए अब बहुसंख्यक हो गए हैं, जबकि कांग्रेस शासन से पहले इन क्षेत्रों में घुसपैठियों की आबादी नगण्य थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति ने असम की पहचान और सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। अमित शाह ने जोर देते हुए कहा कि राज्य में घुसपैठ की समस्या को केवल भारतीय जनता पार्टी की सरकार ही प्रभावी ढंग से रोक सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य में बनी बीजेपी सरकारों ने मिलकर अब तक करीब 1.26 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराया है। शाह ने इसे सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और सख्त नीति का परिणाम बताया।



