Lifestyle News : एयरलाइंस कंपनियों मे पायलट बनने का सपना कई युवाओं का रहता है क्योंकि इस पेशे में काफी पैसा होने के साथ ही दुनिया भर में घूमने का अवसर मिलता है।पालट बनना इतना आसान नहीं है। इसकी ट्रनिंग में काफी पैसा लगता है। पायलट बनने के दो तरीके हैं। एक ये कि किसी उड़ान अकादमी से जुड़कर पायलट का कोस कर पीपीएल और कमर्शियल पायलट लाइसेंस सीपीएल लाइसेंस लें। वहीं दूसरा ये कि किसी एयरलाइंस के कैडेड बन जाये।इसके लिए उम्र 18 साल होनी चाहिए वह कम से कम 50 फीसदी अंकों कसे 12 पास होना चाहिये।
इसके अलावा शारीरिक रुप से फिअ होना जरुरी है।पायलट की ट्रेनिंग से पहले स्टूडेंट के पास क्लास 2 मेडिकल सर्टिफ़िकेट होना चाहिए। ये डीजीसीए से मान्यता प्राप्त डॉक्टर देते हैं। और वो बताते हैं कि व्यक्ति ट्रेनिंग लेने के लिए मेडिकली फ़िट है या नहीं।इसके बाद होता है क्लास 1 मेडिकल एग्ज़ाम जो डीजीसीए ही करवाता है और इसे करते हैं इंडियन एयरफ़ोर्स से मान्यता प्राप्त डॉक्टर। कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाने के लिए ये एग्ज़ाम सर्टिफ़िकेट ज़रूरी होता है. इसमें आंख, ईसीजी, ब्लड टेस्ट, नाक-कान-गले की जांच शामिल होती है।



