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मान सरकार द्वारा औद्योगिक क्रांति के तहत किए गए 12 वादों में से 2 वादे एक महीने से भी कम समय में पूरे

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्रदेश में निवेश और उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने के उद्देश्य से 12 जून को शुरू की गई औद्योगिक क्रांति के अवसर पर किए गए 12 वादों में से 2 वादे एक महीने से भी कम समय में पूरे कर दिए गए हैं। मान सरकार ने उद्योगपतियों को बड़ी राहत देते हुए आज औद्योगिक और भवन निर्माण विभाग से संबंधित दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कीं।

आज यहां पंजाब भवन में इस उपलब्धि के संबंध में जानकारी साझा करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री संजीव अरोड़ा और आवास निर्माण मंत्री स हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि आप संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान द्वारा औद्योगिक क्रांति के तहत कराए गए सम्मेलनों के दौरान उद्योगपतियों से किए गए सभी वादे शीघ्र पूरे किए जाएंगे, ताकि राज्य में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित हो सकें और युवाओं के लिए रोजगार के असीमित अवसर पैदा हो सकें।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिसूचना के बारे में जानकारी देते हुए श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि हमारा उद्देश्य पीएसआईईसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों/शेडों का फ्रीहोल्ड में तबादला करने के लिए एक प्रगतिशील और सुव्यवस्थित प्रणाली स्थापित करना है, जो राज्य के राजस्व में वृद्धि करने के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगी और राज्य में व्यापार करना आसान बनाएगी।

कैबिनेट मंत्री  संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड प्लॉटों में तबादले के लिए शर्तें यह हैं कि प्लॉट की मूल कीमत सहित लागू ब्याज का पूरा भुगतान किया गया हो, अन्य सभी बकाया जैसे एक्सटेंशन फीस, भूमि मूल्य में वृद्धि (लागू ब्याज सहित) आदि का अद्यतन भुगतान किया गया हो, और प्लॉट किसी भी गिरवी, अधिकार, या कानूनी देनदारियों से मुक्त हो।री संजीव अरोड़ा ने आगे बताया कि लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड प्लॉट में तबादले के लिए शुल्क वर्तमान सर्किल रेट (सी.आर.पी.) या कलेक्टर रेट (जो भी अधिक हो) का 20% होगा। इसके अंतर्गत निम्नलिखित छूट दी जाएंगी:

1. किसी भी टाइटल दस्तावेज़ में जहाँ ‘अनर्जित लाभ’ संबंधी धारा मौजूद हो, वहां मूल आवंटी/पट्टेदार को 50% छूट (लागू दर का 10%) दी जाएगी।
2. जहाँ ‘अनर्जित लाभ’ या संबंधित धारा का टाइटल दस्तावेज़ में कोई उल्लेख नहीं है, वहां आवंटियों/पट्टेदारों को 75% छूट (लागू दर का 5%) मिलेगी। इस स्थिति में कुल स्थानांतरण शुल्क का 90% राज्य के कोष में और शेष 10% पीएसआईईसी को जाएगा।
3. ‘अनर्जित लाभ’ को अलग से नहीं वसूला जाएगा, बल्कि इसे स्थानांतरण शुल्क में ही समाहित कर दिया जाएगा।
4. इस नीति के तहत जो आवेदक लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला करवाना चाहते हैं, उन पर कोई अतिरिक्त तबादला शुल्क लागू नहीं होगा।
5. औद्योगिक प्लॉटों का लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला स्थानांतरण शुल्क के भुगतान और सक्षम प्राधिकरण की मंज़ूरी के बाद ही किया जाएगा।

आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग से संबंधित अधिसूचना के बारे में जानकारी देते हुए स हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि कैबिनेट ने हाल ही में औद्योगिक प्लॉटों को अस्पताल, होटल, औद्योगिक पार्क तथा अन्य अनुमोदित मदों के लिए उपयोग की अनुमति देते हुए पंजाब की स्थानांतरण नीति में महत्वपूर्ण संशोधनों को मंज़ूरी दी है। पहले स्थानांतरण नीति 2008, 2016 और 2021 में लाई गई थी, लेकिन औद्योगिक संगठनों ने 2021 की नीति की कुछ पाबंदियों वाली शर्तों पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि ज़मीनी हकीकत को समझने के लिए मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान द्वारा उद्योगपतियों से मुलाकातें की गईं और उनसे फीडबैक लिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गठित एक समिति ने उद्योगपतियों की अपीलों की समीक्षा की और फ्रीहोल्ड प्लॉटों पर लागू होने वाले बदलावों की सिफारिश की।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार औद्योगिक प्लॉट की सर्किल रेट का 12.5% स्थानांतरण शुल्क लागू होगा। इसी तरह पीएसआईईसी के अधीन लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेडों को फ्रीहोल्ड में तब्दील करने हेतु नीति को भी मंज़ूरी दी गई है।उन्होंने बताया कि ये प्लॉट और शेड मूलतः लीजहोल्ड आधार पर आवंटित किए गए थे, जिनमें जटिल धाराएं शामिल थीं, जिससे संपत्ति के लेन-देन में कठिनाइयाँ आ रही थीं। उन्होंने कहा कि इस नई नीति का उद्देश्य औद्योगिक प्लॉटों के प्रबंधन को सरल बनाना, व्यापार में सुगमता लाना और आवंटियों के बीच मुकदमेबाज़ी तथा अनिश्चितता को कम करना है।

उन्होंने बताया कि संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्लॉटों को वाणिज्यिक, होटल, अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, ई.डब्ल्यू.एस./औद्योगिक श्रमिक आवास, हॉस्टल/किराए का आवास, कार्यालय और संस्थागत जैसे विशेष उपयोग के लिए मंज़ूरी दी जाएगी, बशर्ते सड़क की चौड़ाई, न्यूनतम प्लॉट आकार और संबंधित स्थानांतरण खर्च पूरे किए जाएं।कैबिनेट मंत्री ने बताया कि भूमि उपयोग की प्रकृति के आधार पर स्थानांतरण शुल्क औद्योगिक सर्किल रेट का 10% से 50% तक होगा। उदाहरण के लिए, वाणिज्यिक स्थानांतरण के लिए 100 फुट चौड़ी सड़क और न्यूनतम 4000 वर्ग गज आकार के प्लॉट की आवश्यकता होती है, जिस पर 50% शुल्क लागू होता है। उन्होंने बताया कि ज़मीनी कवरेज, एफ.ए.आर., ऊंचाई और पार्किंग सहित भवन प्रबंधन पंजाब शहरी योजना एवं विकास भवन नियम, 2021 अथवा समय-समय पर संशोधित नियमों के अनुसार किया जाएगा।

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