नई दिल्ली। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर मजदूरों और पेंशनर्स से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगें रखीं। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि संघ द्वारा रखी गई मांगें सकारात्मक हैं और केंद्र सरकार इन पर गंभीरता से विचार करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ.मांडविया ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की प्रमुख मांगों में ईपीएफ-95 के तहत मजदूरों और पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी, देश में लेबर कॉन्फ्रेंस का आयोजन, ठेका मजदूरों को समान वेतन और कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा वेतन में होने वाली कटौती को रोकना शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने नए लेबर कोड के माध्यम से समान वेतन सुनिश्चित करने का प्रावधान किया है।
वहीं बैठक के बाद भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांग ईपीएफ-95 पेंशन से जुड़ी है। वर्तमान में पेंशन की न्यूनतम सीमा 1,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर महंगाई भत्ते (डीए) से जोड़ने की आवश्यकता है। इसके साथ ही ईएसआईसी की 21,000 रुपये की मौजूदा वेतन सीमा, ईपीएफओ की 15,000 रुपये की सीमा और बोनस की 7,000 रुपये की सीमा बढ़ाने की भी मांग की गई है। भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन ने कहा कि ईपीएफ-95 में पेंशन बढ़ाने से सीधे तौर पर 82 लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा। उन्होंने लेबर कॉन्फ्रेंस के आयोजन और ईएसआईसी, ईपीएफओ तथा बोनस की सीमाओं में बढ़ोतरी को सभी मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।



