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55 लाख राशन कार्ड धारकों को हटाने संबंधी दावा पूरी तरह भ्रामक : केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी

चंडीगढ़ : केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री,  प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में पंजाब में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) से 55 लाख राशन कार्ड धारकों को हटाने संबंधी दावा पूरी तरह भ्रामक हैं और इनका उद्देश्य जनता को गुमराह करना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013  के तहत पंजाब की 1.41 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों में किसी भी लाभार्थी को नहीं हटाया गया है और खाद्यान्न का आवंटन निरंतर जारी है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनएफएसए/पीएमजीकेएवाई लाभार्थियों की अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप है और केंद्र सरकार ने केवल राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस आदेश का पालन करने हेतु कहा है। पंजाब को मार्च 2023 में ई-केवाईसी शुरू करने की सलाह दी गई थी तथा सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समय सीमा तीन बार बढ़ाई गई। बावजूद इसके, केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए खाद्यान्न आवंटन बंद नहीं किया है।उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी की अंतिम समय सीमा 30 जून, 2025 थी, फिर भी पंजाब के लिए खाद्यान्न आवंटन जारी है। जून से अगस्त 2025 के बीच राज्य को लगभग 1.74 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न पहले ही आवंटित किया जा चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लगभग 10% लाभार्थियों, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी पूर्ण नहीं किया है, को भी मुफ्त खाद्यान्न आवंटन जारी रहेगा, क्योंकि पंजाब की समग्र एनएफएसए सीमा में कोई कमी नहीं की गई है।

अब तक पंजाब ने लगभग 90% लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी कर ली है। हालांकि, राज्य के राशन कार्ड डेटाबेस में गंभीर विसंगतियाँ पाई गई हैं और लगभग 12 लाख से अधिक लाभार्थियों को दोबारा से सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया है। श्री जोशी ने जोर देकर कहा कि एनएफएसए, 2013 के तहत पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पूरी तरह से राज्य सरकार की है। केंद्र ने पंजाब की सीमा से एक भी लाभार्थी को कम नहीं किया है और स्थापित मानकों के अनुसार खाद्यान्न आवंटित करना जारी रखा है।केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार का यह दायित्व है कि वह वास्तविक पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करे और खाद्यान्न की लीकेज व अवैध आवाजाही को रोके, ताकि केवल वास्तविक पात्र गरीब परिवारों को ही योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह निहित स्वार्थी समूहों के दबाव में आकर केंद्र पर निराधार आरोप लगाने के बजाय खाद्यान्न की अवैध आवाजाही और हेरफेर के विरुद्ध कार्रवाई करे।

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